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गोमांस तस्करी को लेकर बवाल: हिंदू संगठनों का प्रदर्शन; महापौर के बंगले का किया घेराव, की ये मांग

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 जनवरी 2026, 7:21 पूर्वाह्न
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गोमांस तस्करी को लेकर बवाल

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
राजधानी में कथित गोमांस तस्करी और अवैध मांस कारोबार के आरोपों को लेकर बुधवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों और हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस-प्रशासन अलर्ट
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए महापौर निवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालात पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

हिंदू संगठनों का आरोप है कि राजधानी में लंबे समय से गोमांस तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, लेकिन अब तक इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

कठोर कार्रवाई की मांग
संगठनों का कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क और इसके मास्टरमाइंड को बेनकाब कर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

महापौर से इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महापौर मालती राय से इस्तीफा देने की मांग की। संगठनों का आरोप है कि नगर निगम के संरक्षण के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है। उनका कहना है कि निगम की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

PHQ के सामने पकड़े गए ट्रक का दिया हवाला
संगठनों ने 17 दिसंबर 2025 को PHQ के सामने पकड़े गए मांस से भरे ट्रक का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भारी मात्रा में संदिग्ध मांस बरामद किया गया था। इस मामले में स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को जेल भेजा गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह केवल एक कड़ी है, जबकि पूरा नेटवर्क आज भी सक्रिय है।

स्लॉटर हाउसों पर सीधे हस्तक्षेप की मांग
हिंदू संगठनों ने मांग की कि नगर निगम क्षेत्र में संचालित स्लॉटर हाउसों और अवैध मांस व्यापार पर महापौर को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका कहना है कि नगर निगम की जानकारी के बिना इस स्तर का कारोबार चलना संभव नहीं है।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संगठनों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और नगर निगम की होगी।

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