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कांग्रेस की न्याय यात्रा: जहरीले पानी से मौतों के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन; घंटा-मंत्री मुर्दाबाद के लगे नारे

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 जनवरी 2026, 10:20 पूर्वाह्न
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कांग्रेस की न्याय यात्रा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हुए 21 मौतें ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। रविवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक एक विशाल 'न्याय यात्रा' निकाली।

इस यात्रा के जरिए कांग्रेस ने सीधे तौर पर इंदौर नगर निगम और प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। इतना ही नहीं इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटा-मंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

बीजेपी के 'किले' में कांग्रेस की हुंकार
न्याय यात्रा के दौरान एक गाड़ी की छत पर सवार होकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंदौर की जनता को संबोधित करते हुए कहा, "इंदौर में पार्षद से लेकर संसद तक बीजेपी का कब्जा है, फिर भी जनता प्यासी और लाचार है। यह एक लंबी लड़ाई है जिसे हमें घर-घर जाकर लड़ना होगा।"

सरकार पर किया हमला
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हिंदुत्व के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा, "एक तरफ हिंदू सम्मेलनों की बात होती है, दूसरी तरफ हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों में लोग गंदा पानी पीकर मर रहे हैं। सरकार पहले हिंदुओं की जान तो बचाए।"

कांग्रेस की 3 प्रमुख मांगें
महिला कांग्रेस और सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने 'घंटा-मंत्री मुर्दाबाद' के नारों के साथ तीन बड़ी मांगें रखी हैं।

भारी मुआवजा
प्रत्येक मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

हत्या का मुकदमा
इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज हो।

न्यायिक जांच
पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो ताकि भविष्य में ऐसा न हो।

दिग्गजों का जमावड़ा
इस न्याय यात्रा में कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यात्रा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, अजय सिंह और सज्जन सिंह वर्मा जैसे बड़े चेहरे शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि इंदौर नगर निगम 'स्वच्छता का मुखौटा' पहनकर जनता की जान से खिलवाड़ कर रहा है।

जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा हो
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, कांग्रेस इंदौर की जनता के साथ खड़ी है। इंदौर की जनता को स्वच्छ पानी, साफ सड़कें और बोरिंग का साफ पानी चाहिए। भागीरथपुरा में हुई घटना के बाद सरकार मौतों के आंकड़े छुपाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि आज भी इंदौर के कई इलाकों में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई बात नहीं करना चाहती। आम जनता साफ पानी पीने का अधिकार है, कोई भीख नहीं मांगी जा रही है।

अब तक इस घटना में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में जिम्मेदार लोग कातिल हैं और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

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