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कलेक्टर के आदेश को नकारा, विद्यार्थियों को बुलाया: नगीन नगर स्थित सिटी पब्लिक स्कूल प्रबंधन की मनमानी से शीतलहर में छात्र-छात्राएं हुए परेशान

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 जनवरी 2026, 12:33 अपराह्न
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कलेक्टर के आदेश को नकारा, विद्यार्थियों को बुलाया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कलेक्टर ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर चलने से सभी स्कूलो में पहली से आठवीं कक्षा तक अवकाश घोषित कर दिया है, लेकिन निजी स्कूल प्रबंधन ने कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए छात्र-छात्राओं को स्कूल आने के निर्देश जारी किए हैं। इससे ठंड में ठिठुरते हुए विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना पड़ा।

शहर में शिक्षा माफिया प्रशासन के आदेशा को ठेंगा दिखाकर लगातार मनमानी कर रहे हैं। इसके चलते ही नियमों की अनदेखी कर सुबह से ही तेज रफ्तार स्कूल बसें सड़कों पर दौड़ने लगती हैं। अब जब कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है तो कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी निजी व सरकारी स्कूलों में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया, लेकिन नगीन नगर स्थित सिटी पब्लिक स्कूल संचालक ने कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखाकर छात्र-छात्राओं को स्कूल आने का संदेश मोबाइल पर भेजकर बुलवा लिया।

तीन माह पहले ही परीक्षाएं घोषित कर दी थीं
इस मामले का खुलासा होने के बाद जब मामले की पड़ताल करते हुए सिटी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य विजय कुमार शर्मा से जानकारी ली तो वह कहने लगे कि मुझे पता है कि कलेक्टर ने तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है, लेकिन मैंने स्कूल में तीन माह पहले ही परीक्षाएं घोषित कर दी थीं।

इस वजह से छात्र-छात्राओ को स्कूल आकर परीक्षा देने को कहा है। प्राचार्य का कहना है कि मैंने नियम नहीं तोड़ा मैंने तो कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को स्कूल आने का मैसेज भेजा है।

प्राचार्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की
इस संबंध में बीआरसी राजेन्द्र तंवर से जानकारी ली कि कलेक्टर द्वारा अवकाश घोषित करने के बाद भी स्कूल में छात्र-छात्राओ को बुलाकर कक्षा में बैठाया गया है। इसके बाद उन्होंने तत्काल निजी स्कूल की जांच करने का दावा किया, लेकिन निजी स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को अवकाश में भी स्कूल आने के लिए मजबूर करने वाले स्कूल प्राचार्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मिलीभगत का खेल
शिक्षा विभाग के बीआरसी और निजी स्कूल संचालक के बीच मिलीभगत होने से स्कूल प्रबंधन ने कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखाकर छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाया। वहीं बाद में मामले को रफादफा करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी भी परीक्षाओं के आयोजन की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी को भी जानकारी दी गई, लेकिन उनके द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस तरह शिक्षा विभाग के अफसरों और निजी स्कूल संचालकों के बीच मिलीभगत की चर्चा शुरू हो गई है।

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