स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मुख्यमंत्री का युवाओं को संदेश: योग अपनाएं; नशे से रहें दूर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को समूचे मध्यप्रदेश में योग और अनुशासन का अद्भुत नजारा देखने को मिला। प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार में लाखों विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को जीवन में योग और स्वाध्याय के महत्व का मंत्र दिया।
मुख्यमंत्री का युवाओं को संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से अपील की कि वे नशे और गलत आदतों की गर्त से बाहर निकलें। उन्होंने कहा, "स्वस्थ शरीर के लिए दिन भर में कम से कम आधा घंटा योग को देना अनिवार्य है। यदि आप पूरा योग नहीं कर सकते, तो केवल सूर्य नमस्कार ही आपके सर्वांगीण विकास के लिए पर्याप्त है।"
युवाओं में पढ़ने की आदत कम हो रही
उन्होंने गिरती पठन-संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं में पढ़ने की आदत कम हो रही है, जिसे सुधारने की जरूरत है। संबोधन के अंत में उन्होंने सांस्कृतिक गौरव को रेखांकित करते हुए कहा— “गर्व से कहिए, हम हिंदू हैं।”
योगमय हुआ मध्यप्रदेश
खरगोन: उत्कृष्ट स्कूल मैदान में 2000 बच्चों ने सूर्य नमस्कार किया। इससे पहले एक विशाल 'युवा एकता रैली' निकाली गई।
बैतूल: केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने जे.एच. कॉलेज में छात्रों का उत्साह बढ़ाया और योग को आत्मबल का आधार बताया।
नर्मदापुरम: यहाँ 3000 से अधिक विद्यार्थियों ने एनएमवी कॉलेज में योग किया। विशेष रूप से प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ और नर्मदा के सेठानी घाट पर भी सूर्य नमस्कार का आयोजन हुआ।
दमोह: कलेक्टर सुधीर कोचर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में सरस्वती शिशु मंदिर में सफल आयोजन हुआ।
अधिकारियों की अनुपस्थिति
रतलाम में जिला स्तरीय आयोजन में कलेक्टर समेत कई बड़े अधिकारी नदारद रहे। वहीं भिंड में मंत्रियों और विधायकों ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
सुविधाओं में अंतर
कुछ स्थानों पर देखा गया कि जहाँ विद्यार्थी जमीन पर कालीन पर बैठे थे, वहीं अधिकारी आरामदायक गद्दियों पर विराजे रहे।
नर्मदापुरम में चर्चा
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया कार्यक्रम में शामिल तो हुईं, लेकिन स्वास्थ्य या अन्य कारणों से वे योग नहीं कर पाईं और ज्यादातर समय बैठी रहीं।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का प्रसार
इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों- "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए"-से जोड़ना था। मध्यप्रदेश सरकार ने इस माध्यम से युवाओं को अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देने का प्रयास किया है।
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