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शोक संतप्त परिजनों को मुख्यमंत्री ने बंधाया ढांढस: बेटा बोला- हादसे का कारण गाड़ी की चार्जिंग नहीं; विलंब से पहुंची फायर ब्रिगेड

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मार्च 2026, 2:05 pm
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दोपहर इंदौर पहुंचे। एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सीएम ने बाद में यहां जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह में कल हुए अग्निकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। शोक संतप्त परिजनों को सीएम ने ढांढस बंधाया।

बेटे ने मुख्यमंत्री से कही ये बात
इस दौरान मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री से कहा गाड़ी की चार्जिंग के कारण नहीं बल्कि बिजली पोल पर हुए सर्किट के कारण घर में आग लगी। उनके अनुसार पहले कार जली, फिर भीतर खड़ी बाइक में आग लगी। बेटे ने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं आई। फायर ब्रिगेड एक से डेढ़ घंटा लेट आई। यदि फायर ब्रिगेड समय पर आ जाती तो कुछ लोगों की जान बच जाती। इसके साथ ही टैंकरों में पानी नहीं था। एक टैंकर चालक दूसरी गली में घुस गया था। उनके पास सीढ़ी भी नहीं थी।

हादसे को बताया बेहद दुखद
मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में हुआ हादसा अत्यंत दर्दनाक है। उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो भी उन्होंने देखा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेषज्ञ संस्थानों, जिनमें आईआईटी भी शामिल हैं, से चर्चा की जाएगी।

सुरक्षा सिस्टम पर होगा फोकस
सीएम ने कहा कि ईवी चार्जिंग सिस्टम और घरों में लगाए जाने वाले इलेक्ट्रिक लॉक जैसे उपकरणों को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है, ताकि किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में बड़े हादसे टाले जा सकें। अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

कार्यक्रम में बदलाव
पहले तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पीड़ित परिवारों के घर जाने वाले थे, लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव करते हुए सभागृह में ही परिजनों से मुलाकात का निर्णय लिया गया।

8 लोगों की हुई थी मौत
बुधवार को हुए इस अग्निकांड में आठ लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, सुमन, बेटी रुचिका, नाती कार्तिक, राशि और तनय शामिल हैं।वहीं, मनोज पुगलिया की पत्नी सुनीता और उनके दो बेटे सौरभ व बाबू किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे थे। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मिलकर शोक व्यक्त किया है।

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