मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले: योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कर जवाबदेही तय करनी होगी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वर्ष 2026 के लिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण परियोजनाओं और अन्य कार्यक्रमों के समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श के लिए यह बैठक आयोजित थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आगामी 5 वर्ष की कार्य योजना तैयार करने के साथ 3 वर्ष के बजट अनुमान की व्यवस्था भी की जा रही है। सड़क, अस्पताल, सिंचाई परियोजना, सार्वजनिक भवन निर्माण की समेकित योजनाएं बनाकर उनका दस्तावेजीकरण किया जाए। प्रदेश में विकास और उन्नति को अधिक गति देने के लिए मिशन मोड में काम करना होगा।
प्रदेश में विकास गतिविधियों का तेजी से क्रियान्वयन हो और जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी पात्र व्यक्तियों को सुगमता से लाभ मिले यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही तय करने की व्यवस्था को सशक्त करना होगा। सीएम ने दो वर्ष की उपलब्धियों से परिपूर्ण बताया।
12 जनवरी से ‘संकल्प से समाधान’ अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक ‘संकल्प से समाधान अभियान’ चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं, शिकायतों और योजनाओं से जुड़े आवेदनों का समयबद्ध और अंतिम समाधान करना है। यह अभियान 106 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं पर केंद्रित होगा।
उन्होंने बताया कि पहला चरण (12 जनवरी–15 फरवरी): घर-घर जाकर आवेदन, दूसरा चरण (16 फरवरी–16 मार्च): क्लस्टर स्तर पर शिविर, तीसरा चरण (16–26 मार्च): ब्लॉक स्तर पर निराकरण, चौथा चरण (26–31 मार्च): जिला स्तर पर अंतिम समाधान और सभी आवेदनों का निराकरण 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना, लंबित आवेदनों और शिकायतों का तेजी से निपटारा, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना और जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
5 दिवसीय कार्य दिवस में समय का पालन करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल से प्रदेश में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। इसे प्रभावी बनाने के लिए शासकीय कार्यालयों में सुबह 10 बजे कार्य आरंभ होना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए बायोमेट्रिक सहित तकनीकी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाए, जिससे अनुशासन और कार्य निष्पादन में सुधार हो।
2026 होगा ‘किसान कल्याण वर्ष’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 औद्योगिक विकास की दृष्टि से सफल रहा है, जबकि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसका लक्ष्य समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश बनाना है। इसके लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता, ऊर्जा, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, उद्योग, वन, राजस्व सहित 15 से अधिक विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
केंद्र सरकार से समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के साथ निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं और परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘लाल सलाम को अंतिम सलाम’ कहने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना की और वन विभाग की उपलब्धियों पर भी संतोष व्यक्त किया।
सामाजिक सुधारों के लिए वातावरण निर्मित करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सफल उद्यमियों और नवाचार करने वाले किसानों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर युवाओं को प्रेरित किया जाए। साथ ही मृत्यु भोज, विवाह समारोह में अपव्यय रोकने जैसे सामाजिक सुधारों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाए।
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