गाड़ी चोरी के ‘डॉक्टर’ चढ़े पुलिस हत्थे: लक्झरी चोरी की गाड़ियों का रूप रंग बदलकर गुजरात में करते थे मादक पदार्थों की तस्करी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कनाड़िया पुलिस के हत्थे ऐसे चोर लगे हैं, जिन्हें गाड़ी चुराकर उसका पूरा हुलिया बदलकर मादक पदार्थों की तस्करी में लगाने का डॉक्टर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। राजस्थान के ये चोर इंदौर और अन्य बड़े शहरों से लक्झरी कार चुराकर उसे गुजरात में मादक पदार्थों की तस्करी में लगा देते थे।
हालांकि ये बदमाश पुलिस से बचकर भागनें में गुजरात में ही पकड़े गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार दो बदमाशों की निशानदेही पर उनके तीसरे साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से चोरी की दो लक्झरी गाड़ियां बरामद हुई है।
जानकारी के अनुसार 30 अक्टूबर 2025 को कनाड़िया मेन रोड से लगे संचार नगर में परसुराम मंदिर के पीछे खड़ी प्रॉपर्टी ब्रोकर राहुल जाट की हेरियर कार एमपी07 झेडई 6476 चोरी हो गई थी। साथ ही एक अन्य फॉर्चुनर कार भी चोरी हुई थी। चोर अपनी कार से आए थे और दोनों कार चुराकर ले गए थे।
कनाड़िया पुलिस केस दर्ज करने के बाद सीसीटीवी कैमरे में कैद चोरों की तलाश में थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े थे। इस बीच 30 जनवरी की रात गुजरात के महिसागर जिले के लुनावाड़ा तालुका थाना की पुलिस चैकिंग में लगी थी कि वहां से सफेद रंग की हैरियर कार जीजे18 बीएन 5105 का गुजरना हुआ।
शंका होने पर पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो उसमें सवार दो युवकों ने कार दौड़ा दी। सूचना पर गुजरात क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी भी कार के पीछे लग गई। करीब 30 किलोमीटर कार दौड़ाने के बाद एक मोड़ पर कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंभे से टकराकर पलटी खाकर पुलिया पर लटक गई।
बदमाशों के भागने से पहले ही पुलिसकर्मियों ने कार में सवार जालौर (राजस्थान) के राहुल पिता सोहनलाल विश्नोई व कैलाश शंकरभाई विश्नोई को दबोच लिया। तलाशी में कार से भोपाल और इंदौर से चोरी गई कारों की नंबर प्लेट निकली।
फर्जी नंबर चढ़ाकर बनवा लेते थे फॉस्ट टैग
पूछताछ में राहुल और कैलाश ने बताया कि वह राजस्थान से स्वयं की कारों से चोरी करने एमपी जाते थे। उनके निशाने पर हाई स्पीड और हैवी इंजन की गाडियां रहती थी। उनके गिरोह का थाना धोरिमिन्ना जिला बाड़मेर राजस्थान स्थित शिवम मोटर बॉडी एवं डेंटिंग पेंटिंग नाम से गैराज हैं, जिसमें चोरी की गाडियों का रंग-रौंगन कर हुलिया बदल देते थे।
बाद में उसके इंजन नंबर व चैचिस नंबर बदल कर विभिन्न राज्यों के आरटीओ नंबर की प्लेट लगाकर फर्जी नंबरों प्लेटो के आधार पर फास्ट टैग बनवा लेते थे। ताकि उक्त वाहनों को टोल प्लाजा से पर निकालकर गुजरात में शराब तस्करी करना आसान हो सके। रिमांड पर पूछताछ के बाद गुजरात पुलिस ने कनाड़िया पुलिस को वाहन चोरी में आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर दी।
सूचना पर एसआई दीपक पालिया, हेड कांस्टेबल शिवकुमार यादव (2915), आरक्षक ओमप्रकाश नवरिया (2635), विजय यादव (2233) राकेश सिंह (2163) की टीम महिसागर, गुजरात पहुंची। रिमांड पर इंदौर लाने के बाद की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथी प्रकाश सिया और सुरेश का नाम लिया। बताते हैं इन दोनों को जेल भिजवाने के बाद पुलिस ने बताए तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है।
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