मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक: 19810 करोड़ के जनहित व विकास कार्यों को मंजूरी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचा और सामाजिक योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें 8 नए वन स्टॉप सेंटर के संचालन को स्वीकृति दी गई है।
यह सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्ना, धार के मनावर व पीथमपुर एवं इंदौर के लसूड़िया व सांवेर, झाबुआ के पेटलावाद में खोले जाएंगे। साथ ही कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्प्लाइन-181 योजना के संचालन तथा आगामी पांच वर्षों तक निरंतरता के लिए 240.42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी हैं।
सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना- मंत्रिमंडल ने सागर जिले के लिए 286.26 करोड़ रुपए की ‘मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना’ को स्वीकृति दी।
इस परियोजना से लगभग 7200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं को निरंतर जारी रखने 10,801 करोड़ रुपए मंजूर किए गए है। ताकि प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके।
नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 1674 करोड़
केंद्र सरकार की सहायता से नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर रखने के लिए 1005 करोड़ का अनुमोदन किया गया है।
वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति एवं मध्यान्ह भोजन समेत विभिन्न योजनाओं/ कार्यक्रमों के सुचारु संचालन एवं निरंतरता के लिए 3553.57 की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कृषि और उत्पादन में बढ़ोतरी
बैठक में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरण मेकेनाइजेशन के लिए 2250 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसका उद्देश्य कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना, नरवाई प्रबंधन, वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/ बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़कर 9.4 लाख लीटर से 12.4 लाख लीटर तक पहुंच गया है, जो लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
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