बिल्डर, डेवलपर और कॉलोनाइजर तक दहशत में: टीम ने दस्तावेज सहित कंप्यूटर व मशीनें की जब्त
KHULASA FIRST
संवाददाता

शुक्रवार से सोमवार रात तक चली आयकर विभाग की कार्रवाई... इन्फ्रास्ट्रक्चर कारोबारी बीआर गोयल के यहां आयकर के छापे में बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा होने की संभावना
बिल्डर के आलीशान ऑफिस में छापा, कागजों में दबा निकला काला सच
जहां मुनाफे की इमारत खड़ी थी, वहीं गड़बड़ियों की नींव मिली
सरकारी ठेकों से निजी खजाने तक, आयकर को मिले अहम सुराग
इंदौर के रियल एस्टेट में हड़कंप, एक छापे से कई चेहरे होंगे बेनकाब
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बीआर गोयल समूह का अग्रसेन चौराहा से सपना-संगीता की ओर जाने वाले मार्ग पर विशाल ऑफिस है। अग्रवाल समाज के तमाम बड़े लोगों का पैसा और सहयोग इस समूह के कामों में लगा है। बताया जाता है इंदौर ही नहीं, अन्य शहरों के कई धनाढ्यों का पैसा भी इस समूह के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में लगा है और भारी-भरकम मुनाफा कमा रहे हैं।
कई चार्टर्ड अकाउंटेट्स भी इस समूह से जुड़े हैं। शुक्रवार अलसुबह आयकर विभाग की टीम यहां पहुंची और ताबड़तोड़ सर्चिंग शुरू की, जो रविवार तक चली। इस दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे गड़बड़ियों का पता चलता है।
इसके बाद रविवार व सोमवार रात विभाग के अधिकारियों की टीम दस्तावेज लेकर रवाना हो गई। कार्रवाई के दौरान आयकर टीम ने न केवल सीसीटीवी कैमरे बंद करवाए, बल्कि बाहर की लाइट भी ऑफ करवा दी गई थी। अब इन दस्तावेजों की जांच कर पता लगाया जाएगा कि कहां, कब, कितनी और कैसे गड़बड़ी की गई।
डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच
आयकर अधिकारियों की टीमों ने सुबह ऑफिस और कंपनी डायरेक्टर से जुड़े परिसरों में छापा मारकर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। सर्चिंग का केंद्र बीआर गोयल इन्फ्रास्ट्रक्चर का सपना-संगीता रोड स्थित कार्यालय ही था।
अधिकारियों ने फर्म के अकाउंट्स, प्रोजेक्ट फाइल्स, बैंक ट्रांजैक्शन, बिलिंग और डिजिटल डेटा दो दिन तक खंगाला और फिर जब्त कर लिया। लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी गहन जांच की जा रही है। विभाग की नजर खासतौर पर सरकारी सड़क निर्माण ठेकों, भुगतान प्रक्रिया और खर्चों के मिलान पर बताई जा रही है।
सूत्र बताते हैं इनकम टैक्स विभाग को कंपनी के कामकाज से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन, आय-व्यय के असंतुलन और टैक्स से संबंधित संभावित गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर छापा डाला गया। आईटी विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या कंपनी ने आय छिपाई? क्या खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया? क्या सरकारी ठेकों से जुड़ी भुगतान प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई? इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
ये भी हैं शक के घेरे में
अधिकारियों का कहना है जांच पूरी होने के बाद ही खुलासा होगा। फिलहाल सर्चिंग की प्रक्रिया जारी है और इसमें अभी समय लग सकता है। उधर, इस छापे के बाद से शहर के उन बिल्डरों, डेवलपरों, कॉलोनाइजरों में भी दहशत की स्थिति है, जिन्होंने प्लॉट-जमीन की धोखाधड़ी की। उन पर भी विभाग की निगाह है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनके यहां भी आयकर विभाग छापामार कार्रवाई कर सकता है।
शहर के ख्यात बिल्डर और डेवलपर बीआर कंस्ट्रक्शंस के सपना-संगीता रोड स्थित ऑफिस पर शुक्रवार अलसुबह पड़े आयकर छापे के दौरान बड़ी मात्रा में गड़बड़ियां मिली हैं।
सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने देर रात बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए और वाहनों में भरकर ले गए। इस कार्रवाई से शहर के अन्य बिल्डर, डेवलपर और कॉलोनाइजर तक दहशत में हैं।
बहुत फैला है कारोबार... बीआर गोयल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इंदौर की जानी-मानी निर्माण कंपनियों में शामिल है। इसकी स्थापना वर्ष 1986 में हुई थी। 2005 में यह प्राइवेट लिमिटेड बनी और बाद में पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में परिवर्तित हुई।
कंपनी का कार्यक्षेत्र केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। यह सरकारी सड़क और राजमार्ग निर्माण, पुल और भवन निर्माण, रेडी मिक्स कंक्रीट की सप्लाई, टोल कलेक्शन प्रोजेक्ट्स इंदौर में बीआरजी हिल व्यू जैसे आवासीय प्रोजेक्ट्स आदि कई बड़े सेक्टर्स में सक्रिय है। कंपनी देश के विभिन्न हिस्सों में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
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