बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत: विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का प्रदर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। सदन की कार्यवाही वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन के साथ प्रारंभ हुई, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अभिभाषण दिया। हालांकि, अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विकास कार्यों और संकल्प पत्र का उल्लेख
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और वर्ष 2023 के संकल्प पत्र में किए गए वादों पर अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्णित ‘अमृत काल’ का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया।
साथ ही भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की योजना, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयास और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी दी।
विपक्ष का विरोध और नारेबाजी
अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना संबोधन जारी रखा।
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। शून्यकाल में 83 प्रश्न सूचीबद्ध हैं।
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