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मुफलिसी में साथ देने वाले साढ़ू को लगा दिया 15 करोड़ का चूना

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 जनवरी 2026, 12:34 अपराह्न
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मुफलिसी में साथ देने वाले साढ़ू को लगा दिया 15 करोड़ का चूना

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कुछ वर्ष पूर्व मुफलिसी में मदद करने वाले मुंबई निवासी साढ़ू को ही कुख्यात भूमाफिया सुधीर ओसवाल और उसके बेटे सुधीर ने चूना लगा दिया। उन्हें सुधीर ने झांसा दिया कि पातालपानी के पास रिसोर्ट्स के लिए जमीन खरीद लेते हैं और 15 करोड़ रुपए ले लिए। सुधीर ने जालसाजी करते हुए किसानों को नाममात्र की राशि दी और अब गायब हो गया।

खास बात ये है कि कुछ वर्ष पूर्व जब सुधीर ओसवाल मुफलिसी में था तब मुंबई निवासी साढ़ू संजय डांगी ने उसे घर चलाने के लिए 25 हजार रुपए प्रतिमाह दिए थे। ये मदद एक-दो माह नहीं बल्कि कई वर्षों तक चली।

बाद में सुधीर ओसवाल जालसाजी में लग गया और उसने जमीनों की धोखाधड़ी शुरू कर दी। सुपर कॉरिडोर पर द जिलियन पार्क कॉलोनी की जमीन के लिए देवास के किसानों के साथ धोखाधड़ी की।

उसने अपने मित्र अमित टोंग्या द्वारा किए इस सौदे को निरस्त करवा दिया और फिर खुद ने ये सौदा कर लिया और किसानों को नाममात्र की राशि देकर उलझा दिया और अब गायब हो गया है।

वो न अपने एमजी रोड पर टीआई मॉल के सामने स्थित न घर पर मिलता है, न आफिस पर। उसके ड्राइवर और नौकर आने वाले किसानों को बाहर से ही टरका देते हैं। किसान जिद करें तो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इसका खुलासा जब खुलासा फर्स्ट में किया गया तो सुधीर ओसवाल किसानों के पास पहुंच गया और उसने कहा कि वो पैसा दे दें और जमीन वापस ले लें।

अभी इस पर विचार चल रहा है। इस बीच, ओसवाल के एक और कारनामे का पता चला है। मुंबई निवासी साढ़ू संजय डांगी को उसने झांसा देकर 15 करोड़ का दांव कर दिया। उस साढ़ू को जिसने उसकी मुफलिसी में उसका साथ दिया।

सुधीर और उसके बेटे सार्थक ने डांगी को सुझाया कि वो पातालपानी के पास रिसोर्ट्स बनाने के लिए 25 एकड़ जमीन खरीद लेते हैं। ये प्रोजेक्ट डांगी को रास आ गया और उन्होंने पैसों की हवस के पुजारी सुधीर ओसवाल व उसके बेटे सार्थक को ये जमीन खरीदने और डेवलप कर रिसोर्ट्स बनाकर बेचने के लिए 15 करोड़ रुपए दे दिए।

ये सारा का सारा पैसा ओसवाल बाप-बेटे जीम गए और किसानों को नाममात्र की राशि देकर उलझा दिया और गायब हो गया। अब किसान उसे ढूंढ रहे हैं। उसके एमजी रोड पर टीआई माल के सामने स्थित घर पर जाते हैं तो वो मिलता नहीं। यहीं उसका आफिस भी है। वो वहां भी नहीं मिलता। उसके नौकर व ड्राइवर किसानों को देखते ही भगा देते हैं। यदि किसान जिद करें तो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।

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