खबर
Top News

नर्मदा जल को दूषित कर रहे थे बोरिंग: बोरिंग के पानी की जांच रिपोर्ट में मल-मूत्र जनित खतरनाक बैक्टीरिया फीकल कोलीफार्म पाए गए हैं

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 जनवरी 2026, 11:25 पूर्वाह्न
400 views
शेयर करें:
नर्मदा जल को दूषित कर रहे थे बोरिंग

भागीरथपुरा जल त्रासदी : 60 में से 35 बोरिंग के सैंपल फेल, इनके पानी में मिला फीकल कोलीफार्म बैक्टीरिया, जिससे हैजा-टायफाइड का खतरा

जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ 24 जनवरी तक पूरी हो जांच

बुखार के मरीजों के मौके पर टेस्ट

सात और मरीज निजी अस्पताल में हुए शिफ्ट

डायरिया की रफ्तार थमी, ओपीडी के आंकड़ों में 50 फीसदी की बड़ी गिरावट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के पीछे की बड़ी वजह अब सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है नर्मदा लाइन में मिल रहे बोरिंग का पानी ही गंभीर रूप से दूषित था और उसी ने पूरे क्षेत्र में सप्लाई होने वाले पानी को ज़हरीला बना दिया।

बोरिंग के पानी की जांच रिपोर्ट में मल-मूत्र जनित खतरनाक बैक्टीरिया फीकल कोलीफार्म पाए गए हैं। यह वही बैक्टीरिया है, जो हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है। मानकों के अनुसार पानी में फीकल कोलीफार्म की मात्रा शून्य ( प्रतिशत) होनी चाहिए, लेकिन जांच में यह सीमा कई गुना अधिक पाई गई।

स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के 60 बोरिंग के पानी के सैंपल लिए थे, जिनमें से 35 सैंपल पूरी तरह फेल निकले। कुछ बोरिंग के पानी में फीकल कोलीफार्म की मात्रा 84 तक पाई गई, जबकि कुछ में यह आंकड़ा 350 के पार पहुंच गया, जो सीधे तौर पर गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है क्षेत्र के भाजपा पार्षद कमल वाघेला के वार्ड की बोरिंग भी दूषित पाई गई। इससे साफ हो गया समस्या किसी एक गली या मोहल्ले तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भागीरथपुरा में है।

भागीरथपुरा में फिलहाल 500 से अधिक सरकारी और निजी बोरिंग सक्रिय हैं। इनमें से कई का पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के नर्मदा लाइन में मिल रहा था, जिससे शुद्ध नर्मदा जल भी दूषित हो गया। यही वजह मानी जा रही है बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त, डायरिया और संक्रमण की चपेट में आए और कई की जान तक चली गई।

विशेषज्ञों का कहना है फीकल कोलीफार्म की मौजूदगी बताती है कि पानी में सीवेज या मल-मूत्र का मिश्रण हो रहा है। ऐसे पानी का उपयोग पीने, खाना बनाने या घरेलू कामों में करना सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो सकता है। सवाल है जब मानकों के मुताबिक बोरिंग के पानी की नियमित जांच जरूरी है, तो इतने लंबे समय तक यह लापरवाही कैसे चलती रही? किसकी अनुमति से दूषित बोरिंग का पानी नर्मदा लाइन में मिलाया गया? और आखिर इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? इस खुलासे ने प्रशासन और नगर निगम की जलप्रदाय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जनता की निगाह इस पर टिकी है दोषियों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग पर कोर्ट का बाणगंगा पुलिस को आदेश

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई डेढ़ दर्जन से ज्यादा मौतों के मामले में कानूनी शिकंजा कसने लगा है। जिला न्यायालय ने जिला प्रशासन व नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ दर्ज परिवाद स्वीकार कर बाणगंगा पुलिस को जांच का सख्त आदेश दिया है। 24 जनवरी तक पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट में दायर परिवाद में नगर निगम के वर्तमान और पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही और गैरइरादतन हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। परिवाद मोहता नगर निवासी रामू पिता रूपसिंह ने अभिभाषक दिलीप नागर के माध्यम से दायर किया है। कोर्ट ने प्रथमदृष्ट्या मामला गंभीर माना है।

इन अफसरों पर केस की मांग
परिवाद में कलेक्टर, पूर्व निगमायुक्त शिवम वर्मा, पूर्व निगमायुक्त दिलीपकुमार यादव, निलंबित अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और निलंबित कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। आरोप है इनकी लापरवाही के चलते क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति जारी रही और लोगों की जान गई।

जानबूझकर देरी का आरोप
परिवाद में कहा गया है निगम अधिकारियों ने समय रहते जिम्मेदारी नहीं निभाई। जानबूझकर व दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्य में देरी की। समय पर कार्रवाई होती तो त्रासदी रोकी जा सकती थी। शिकायत के अनुसार क्षेत्र में तीन वर्ष से दूषित पानी की समस्या थी। सीएम हेल्पलाइन और मेयर हेल्पलाइन पर लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन नगर निगम और प्रशासन ने आंखें मूंदे रखीं।

ठहराव-प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में
परिवादी के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को ठहराव प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन निविदा समिति को भेजा जाने वाला प्रपत्र 30 जुलाई 2025 को भेजा गया। इसके बाद भी टेंडर प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं की गई। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बाणगंगा पुलिस को 24 जनवरी तक विस्तृत प्रतिवेदन कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।

मलेरिया विभाग की 300 घरों में दस्तक
मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में घर-घर लोगों की जानकारी जुटाई। जिला मलेरिया अधिकारी रश्मि पांडे के मार्गदर्शन में चार टीमों ने 300 से अधिक घरों में सघन सर्वे किया। मलेरिया इंस्पेक्टर मुरलीधर गोड़वानी ने बताया घर-घर पहुंचकर न केवल मच्छरों के लार्वा की जांच की, बल्कि बुखार से पीड़ित संदिग्ध मरीजों के मौके पर ही रैपिड डायग्नोस्टिक किट से टेस्ट किए। पांडे ने स्पष्ट किया संक्रमण की रोकथाम के लिए अभियान जारी रहेगा। सर्वे के दौरान स्वास्थ्य अमले ने रहवासियों को जलजमाव रोकने और सफाई के लिए जागरूक किया।

अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति; भागीरथपुरा के 10 हजार परिवारों को भेंट किया राशन

अग्रवाल समाज की केंद्रीय समिति ने भागीरथपुरा के पीड़ितों के लिए सेवा का हाथ बढ़ाया है।

गुरुवार को नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला एवं पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय की प्रेरणा से 10 हजार घरों तक 5 किलो आटा, 2 किलो तुअर दाल तथा चावल एवं तेल सहित राशन सामग्री पहुंचाने का सेवा प्रकल्प चलाया। समाज के सभी प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी पानी की टंकी के नीचे आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

समिति के प्रमुख संरक्षक विनोद अग्रवाल, अध्यक्ष प्रेमचंद गोयल एवं पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंघल ने बताया जनप्रतिनिधियों की अपील पर समाज की केंद्रीय समिति ने तत्काल निर्णय लिया। गुरुवार सुबह पानी की टंकी के नीचे आयोजित कार्यक्रम में बस्ती के पीड़ित परिवारों को आमंत्रित कर उक्त राशन सामग्री से भरी किट्स भेंट की गई।

विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर एवं क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों  के साथ अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति के पदाधिकारी टीकमचंद गर्ग, जगदीश बाबाश्री, विष्णु बिंदल, पवन सिंघानिया मोयरा, रमेश मित्तल मेडिकैप्स, नितिन अग्रवाल महू, नीलेश अग्रवाल सजनप्रभा, अविनाश अग्रवाल ओएस्टर, राजेश बंसल, प्रकाश मोमबत्ती, जगदीश गोयल, शैलेंद्र सिंघल, अग्रसेन यूथ क्लब अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता, सचिव सौरभ बालाजी, पुनीत गर्ग, आयुष जिंदल, पुष्पा गुप्ता, राजेश इंजीनियर, पिंकी अग्रवाल,  केके गोयल सहित बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने पीड़ित परिवारों को राशन सामग्री भेंट की।

विधायक रमेश मेंदोला एवं पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इसकी खुलेमन से सराहना की। समाज ने आगे भी पीड़ित और प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता का संकल्प लिया।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!