बजरंग नगर के पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित रामकथा में भागवताचार्य संजय कृष्ण त्रिवेदी ने कहा: भगवान की भक्ति करने वाले को शुभ फलों की प्राप्ति होती है
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भगवान शिव की सच्चे हृदय से प्रार्थना करने वाले को शुभफल की प्राप्ति होती है। प्रभु की भक्ति व आराधना जीवन में कभी भी निरर्थक नहीं जाती है। भगवान शंकर औघड़दानी है। वह भक्त की भक्ति से बहुत जल्द प्रसन्न होते है।
यह बात बजरंग नगर में आयोजित सात दिवसीय रामकथा में भागवताचार्य संजय कृष्ण त्रिवेदी ने कही। रामकथा में भगवान शिव व पार्वती विवाह प्रसंग के साथ ही रामजन्मोत्सव भी मनाया गया। भागवताचार्य संजय कृष्ण त्रिवेदी ने शिव विवाह व राम जन्मोत्सव के प्रसंग का वर्णन किया।
कथा में संगीत मंडली ने मधुर व मनमोहक भजन प्रस्तुत कर भक्तिमय माहौल बना दिया। शिव विवाह और रामजन्मोत्सव की कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। शिव विवाह के प्रसंग में भागवताचार्य ने कहा कि पार्वतीजी की निष्ठा व कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने विवाह का वचन दिया।
जब सच्चे हृदय से प्रभु की प्रार्थना की जाती हैं, तो भगवान उसे फल प्रदान करते हैं। योगी की साधना कष्टप्रद होती है, लेकिन अंत बड़ा सुखद होता है। इसलिए कहा जाता है, अंत भला तो सब भला। शिव पार्वती साक्षात शक्ति और शक्तिमान है। लीला मात्र के लिए ये दोनों अलग रूपों में नजर आते हैं, किंतु अर्ध नारीश्वर रूप में दोनों एक ही हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़: बजरंग नगर पशुपति नाथ मंदिर समिति के राजेश गावड़े ने बताया कि पशुपति नाथ मंदिर में सात दिवसीय रामकथा में पहले ही दिन से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रामकथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हो रही है।
कथा के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। रामकथा में शिव विवाह और रामजन्मोत्सव प्रसंग में पूरा पंडाल भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे। आज कथा में रामजानकी विवाह प्रसंग होगा।
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