दुष्कर्म व ब्लैकमेल केस के आरोपी की जमानत खारिज: करीब दो माह से जेल में बंद है आरोपी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी जैसे गंभीर आरोपों से घिरे आरोपी आमिर अली को सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) अनीता सिंह ने जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए आरोपी की पहली जमानत याचिका निरस्त कर दी।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता, पीड़िता के बयान और केस डायरी में दर्ज तथ्यों को देखते हुए जमानत के पर्याप्त आधार नहीं माने।
जानकारी के मुताबिक ऑटो डील व्यवसायी आमिर अली (33) निवासी खजराना को पुलिस ने 30 नवंबर को गिरफ्तार किया था। जेल में बंद आरोपी की ओर से दलील दी गई कि घटना पुरानी है और केस करीब साढ़े तीन साल बाद दर्ज कराया गया। सारे आरोप निराधार हैं।
जान से मारने की धमकी दी: पीड़िता ने बताया कि उसके परिचित मोहित उर्फ सूफीयान ने पहले दोस्ती कर संबंध बनाए और फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। बाद में आमिर उर्फ गोल्डन ने भी उन्हीं वीडियो का हवाला देकर धमकाया और होटल ले जाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता ने मारपीट, पैसे की उगाही और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के भी आरोप लगाए हैं। आरोपी पर करीब एक लाख रुपए लेने और जान से मारने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
आरोपी को रिहा करने से जांच व न्याय प्रक्रिया हो सकती है प्रभावित
सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया। केस डायरी, पीड़िता के बयान और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपों की प्रकृति गंभीर है और आरोपी को रिहा करने से जांच व न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सहआरोपी के विदेश चले जाने के तथ्य को भी ध्यान में रखा गया। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अदालत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जमानत देने का आधार नहीं बनता, इसलिए आवेदन निरस्त किया जाता है। आदेश की प्रति संबंधित थाना व न्यायालय को भेजी गई है।
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