धर्मांतरण फंडिंग केस में अनवर कादरी को हाई कोर्ट से राहत: हर रविवार 4 घंटे थाने में देनी होगी हाजिरी; वरना जमानत हो जाएगी निरस्त
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के चर्चित धर्मांतरण फंडिंग मामले में जेल में बंद पूर्व पार्षद अनवर कादरी को आखिरकार हाई कोर्ट से राहत मिल गई। कोर्ट ने कादरी को सशर्त जमानत देते हुए उसकी भूमिका को सीमित माना है। कोर्ट द्वारा रखी शर्त के अनुसार कादरी को हर रविवार दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक संबंधित थाने में हाजिरी देना होगी, अन्यथा उसकी जमानत निरस्त कर दी जाएगी।
मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 14 जून 2025 को पुलिस ने धर्मांतरण और दुष्कर्म से जुड़े आरोपों में केस दर्ज किया था। युवतियों ने शिकायत में कहा था कि अन्य धर्म से जुड़े युवकों ने उन्हें शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया। जांच के दौरान आरोप लगा कि इन युवकों को धर्मांतरण के लिए आर्थिक मदद दी गई, जिसमें अनवर कादरी की भूमिका बताई गई।
पुलिस ने आरोप लगाया था कि कादरी ने इस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपी साहिल को पैसे दिए थे, ताकि धर्मांतरण की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सके। लंबे समय तक फरार रहने के बाद कादरी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था और वह 29 अगस्त 2025 से जेल में बंद था।
हाई कोर्ट में कादरी की ओर से दलील दी गई कि मुख्य आरोपी साहिल को पहले ही जमानत मिल चुकी है, वहीं पीड़िता की ओर से भी कादरी की जमानत पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कादरी का नाम पीड़िता के बयान में नहीं है और उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।
केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर उसे जेल में रखा गया है। वहीं, सरकार की ओर से जमानत का कड़ा विरोध किया गया। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि अनवर कादरी के खिलाफ करीब 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, इसलिए उसे राहत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने माना कि कादरी की भूमिका सीमित है और पहले से एक आरोपी को जमानत मिलना भी महत्वपूर्ण आधार है। कोर्ट ने 25 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर कादरी को रिहा करने के आदेश दिए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि कादरी ने थाने में हाजिरी या ट्रायल के दौरान कोर्ट में उपस्थिति को लेकर कोई भी शर्त तोड़ी, तो उसकी जमानत तुरंत निरस्त कर दी जाएगी।
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