आंगनवाड़ी भवन का काम अधूरा: गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता

जिपं के मॉनिटरिंग आदेश की उड़ रही धज्जियां
खुलासा फर्स्ट, पेटलावद।
जपं क्षेत्र में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना सहित अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतों के बाद जिपं झाबुआ ने आदेश जारी किया था, लेकिन पालन नहीं हो रहा। मामला ग्राम पंचायत नाहरपुरा का है जहां 1 वर्ष से उचित मूल्य भवन अधूरा पड़ा है। जो की धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। निर्माण कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही और अनियमितता भी साफ देखी जा सकती है।
ग्राम पंचायत दुल्लाखेड़ी के गांव कलसाड़ियां में आंगनवाड़ी भवन जिसकी लागत 11 लाख 22 हजार रुपए है, वह अधूरा है। निर्माण के नाम पर ग्राम पंचायत ने किसी कितनी राशि निकाली है इसकी भी जांच होनी चाहिए।
निर्माण कार्य में घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग कर लाखों के वारे न्यार किये जा रहे हैं। समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाती तो निश्चित तौर पर घटिया और गुणवत्ताहीन निर्माण नहीं होते न अधूरे निर्माण देखने को मिलते। कहीं छह महीने और कहीं साल भर से अधूरे पड़े भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं।
सीईओ की कार्यशैली पर सवाल: जपं सीईओ गौरव जैन घर से ही जनपद का काम निपटा लेते हैं। फील्ड में मॉनिटरिंग नहीं होती। पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार पर आंखें मूंद रखी है। आदेश के बाद पेटलावद सहित पूरे जिले की उन पंचायतों में हड़कंप मचा था, जहां अधूरे और घटिया निर्माण कर राशि आहरित कर ली गई, लेकिन कार्रवाई न होने से सरपंच-सचिवों के हौसले बुलंद हैं।
क्या था जिला पंचायत का आदेश?
कार्यालय सीईओ जिपं ने 07/03/2026 को क्रमांक 1147 से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया था कि 24 फरवरी 2026 को समीक्षा बैठक में संज्ञान में आया था पंचायतों को जारी 5वें, 15वें वित्त, आरजीएसए व अन्य निर्माण संबंधित मद में लंबे समय से जारी राशि के उपयोग संबंधी जानकारी लंबित है।
राशि के उपयोग की जांच के लिए तीन सदस्यीय दल गठित किया गया था आदेश में स्पष्ट कहा गया था उक्त दल जांच उपरांत पाई जाने वाली कमियों को दूर करेंगे व राशि के दुरुपयोग पर तत्काल कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे। कार्यवाही बिना किसी स्मरण पत्र के 15 दिन में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए थे
आश्चर्य है आदेश जारी हुए 6 महीने से ज्यादा हो गए, परंतु 3 सदस्यीय दल ने अब तक उक्त आदेश का कितना पालन किया है, यह तो अधिकारी ही बता पाएंगे। ग्राउंड पर स्थिति जस की तस है।
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!