जनाक्रोश और मीडिया में उठे सवालों के बीच भाजपा हाईकमान हुआ गंभीर: रेसीडेंसी में मंत्रियों- विधायकों और अधिकारियों की बंद कमरे में समन्वय बैठक, मीडिया से रखी दूरी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में नर्मदा जलापूर्ति लाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने से हुई मौतों और बड़े पैमाने पर बीमारियों के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार दबाव में आ गई है। इस गंभीर घटना को लेकर विपक्ष के लगातार हमलों, जनता के आक्रोश और मीडिया में उठे सवालों के बीच भाजपा हाईकमान ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। इसी क्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका और उनके बयानों पर भी दिल्ली स्तर पर सख्त रुख अपनाया गया है।
रविवार को नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की रेसीडेंसी कोठी में इंदौर संभाग आयुक्त, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इसके बाद मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में घंटों चर्चा हुई।
मीडिया के सवालों से बचते दिखे मंत्री, ‘हाईकमान के निर्देश का हवाला: बैठक के बाद जब खुलासा फर्स्ट द्वारा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से बैठक और बंद कमरे में हुई लंबी चर्चा को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने हाईकमान के निर्देशों का हवाला देते हुए मीडिया में किसी भी प्रकार की चर्चा से इनकार कर दिया और बिना जवाब दिए रवाना हो गए।
उल्लेखनीय है भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन का गंदा पानी मिलने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, सैकड़ों लोग इलाजरत हैं और हजारों नागरिकों की जांच की जा रही है। इसी घटनाक्रम के दौरान मंत्री विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के लिए कथित अपशब्द कहे जाने का मामला भी सामने आया था, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना हुई। इसके बाद ही मंत्री को दिल्ली तलब किया गया, जहां उन्हें सख्त निर्देश देते हुए मीडिया में बयानबाजी पर संयम बरतने की हिदायत दी गई।
हाईकमान सक्रिय, संगठन और सरकार में समन्वय की कवायद
भागीरथपुरा कांड के चलते भाजपा सरकार के बैकफुट पर आने और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच तल्खी की खबरों को देखते हुए संगठन स्तर पर भी सक्रियता बढ़ाई गई। संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा इंदौर पहुंचे और नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक कर संयमित बयान देने और एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए।
नए अधिकारियों का कराया परिचय
कल रेसीडेंसी में आयोजित समन्वय बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, एमआईसी मेंबर बबलू शर्मा, मनीष मामा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अधिकारियों की ओर से संभागायुक्त सुदाम पी. खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नव पदस्थ नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल तथा नए आईएएस अपर आयुक्त आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक शामिल हुए। बैठक में नए अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों से परिचय भी कराया गया।
7 दिन में सर्वे, 48 घंटे में सुधार के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया कि सात दिन के भीतर पूरी वाटर सप्लाई लाइन का सर्वे किया जाए और जहां भी समस्या मिले, उसे 48 घंटे के भीतर दुरुस्त किया जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं और व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर दिया गया।
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