मंगलम बजाज में अमंगल: सर्विस के नाम पर साजिश; दुर्घटना के बाद रिपेयर को दी पल्सर बाइक, पार्ट्स निकाले, चेसिस गायब किया
KHULASA FIRST
संवाददाता

उल्टा पार्किंग चार्ज मांगा, कार्रवाई की बात पर जान से मारने की धमकी का आरोप
दो थानों के बीच झूल रहा मामला, दोनों ही झाड़ रहे पल्ला
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के नामी ब्रांड के सर्विस सेंटर पर गंभीर आरोपों ने हलचल मचा दी है। मंगलम बजाज सर्विस सेंटर पर एक ग्राहक की दुर्घटनाग्रस्त बाइक को रिपेयरिंग के नाम पर कब्जे में लेकर उसके पुर्जों की अफरा-तफरी करने, चेसिस गायब करने और तीन साल तक झूठे आश्वासनों से मानसिक प्रताड़ना देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
आरोप है कि वाहन मांगने पर संतोषजनक जवाब तो दूर उल्टा अवैध पार्किंग चार्ज थोपने और कार्रवाई करने का कहने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
दामोदर नगर निवासी रोहन चौधरी ने रेवेन्यू नगर (अन्नपूर्णा क्षेत्र) स्थित मंगलम बजाज सर्विस सेंटर के संचालक पीयूष मित्तल, सर्विस मैनेजर विश्वनाथ नारुले और गोदाम मैनेजर कबीर शर्मा पर गंभीर आरोप लगाया है। बताया कि उन्होंने 2019 में मंगलम बजाज शोरूम से बजाज पल्सर 150 ट्विन डिस्क एबीएस खरीदी थी।
साल 2022 में बाइक दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई। चूंकि बाइक बीमित थी, इसलिए 1 दिसंबर 2022 को उसे मंगलम बजाज सर्विस सेंटर में रिपेयरिंग के लिए दी। सर्विस मैनेजर ने जल्द सुधार के बाद फोन कर बुलाने का आश्वासन दिया, लेकिन समय बीतता गया।
14 दिसंबर 2022 को जब रोहन सर्विस सेंटर पहुंचे तो कर्मचारी बाइक का इंजन और अन्य हिस्से खोलते मिले, कई पार्ट्स निकाले जा चुके थे। पार्ट्स लौटाने के नाम पर समय मांगा गया। कहा गया कि दूसरी गाड़ी में पार्ट्स की जरूरत थी तो उसमें लगा दिए। एक महीने में आपकी गाड़ी में नए लगा देंगे। इसके बाद लगातार टालमटोल शुरू हो गया। चूंकि शो-रूम का गोडाउन बिजासन रोड क्षेत्र में था, इसलिए एरोड्रम थाने में इसकी लिखित शिकायत की गई।
पहले पार्ट्स फिर चेसिस तक कर दिया गायब
शिकायत में रोहन चौधरी का आरोप था कि उन्हें बाद में पता चला बाइक का चेसिस भी आरोपियों ने गायब कर दिया। वाहन मांगने पर सर्विस मैनेजर ने 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से अनावश्यक पार्किंग चार्ज की मांग शुरू कर दी। उन्हें धमकाया जा रहा है। एरोड्रम पुलिस ने आरोपी पक्ष को बुलवाया तो उन्होंने अपने गोडाउन पर बाइक होना स्वीकारते हुए जल्द ही लौटाने की बात कही।
पुलिस ने शपथ पत्र लिखवाया और एक कॉपी आरोपी पक्ष के वकील को दे दी तो दूसरी खुद रख ली। इसके बाद वह जब भी गोडाउन जाते वहां से उन्हें टरका दिया जाता। 2022 से 2025 तक वाहन सौंपने के बजाय झूठे आश्वासन दिए जाते रहे।
मानसिक रूप से प्रताड़ित किया
रोहन का कहना है कि जब उन्होंने मालिक पीयूष मित्तल और मैनेजर कबीर शर्मा से बात की तो अभद्र व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यहां तक कि कार्रवाई की बात पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोपियों ने सुनियोजित ढंग से वाहन की जालसाजी कर उसे रफा-दफा कर दिया है, जबकि फाइनेंस की कोई बकाया राशि नहीं है और एनओसी भी उपलब्ध है।
आवेदन लेने से साफ इंकार कर दिया
रोहन चौधरी का कहना है कि अभी वे सालभर से न्याय की मांग को लेकर एरोड्रम थाने के चक्कर लगा रहे हैं। एरोड्रम थाने पर कहा जा रहा है कि ये हमारे यहां का केस नहीं है। बाइक शो-रूम रेवेन्यू नगर में है, इसलिए अन्नपूर्णा थाने जाकर शिकायत करो।
अन्नपूर्णा थाने जाने पर कहा जा रहा है कि गाड़ी हमारे क्षेत्र से गायब नहीं हुई है। शो-रूम का गोडाउन एरोड्रम क्षेत्र में है। वहीं, की पुलिस कार्रवाई करेगी और आवेदन लेने से साफ मना कर दिया। इसके चलते मामला सालभर से उलझा हुआ है।
रोहन के मुताबिक वाहन के बीमित होने और फाइनेंस क्लियर होने के बावजूद बाइक नहीं लौटाना सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। इसके चलते ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर्स की कार्यप्रणाली पर कड़ी मॉनिटरिंग की जरूरत है। पुलिस को अमानत में खयानत का केस दर्ज करना चाहिए।
संबंधित समाचार

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार

युवती ने युवक को ऐसे कैसे पीटा:साथी युवक ने क्या पकड़ रखा था; वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा

राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) इस दिन होगी:100 परीक्षा केन्द्रों पर इतने हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल; इन दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!