खबर
Top News

फैशन डिजाइनर के पैसों पर ऐश करते थे एआईजी: आरोप हुए सिद्ध; रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 फ़रवरी 2026, 1:54 अपराह्न
823 views
शेयर करें:
फैशन डिजाइनर के पैसों पर ऐश करते थे एआईजी

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश के एआईजी राजेश मिश्रा पर महिला से उत्पीड़न और धोखाधड़ी के लगाए गए आरोप जांच में सही पाए गए हैं।

रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी
इस बहुचर्चित मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा गृह विभाग को सौंप दी गई है। अब इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई का फैसला मुख्यमंत्री और गृहमंत्री डॉ. मोहन यादव को करना है। यह मामला वर्ष 2025 के सबसे विवादित और चर्चित मामलों में शामिल रहा है।

क्या है पूरा मामला
राजस्थान के जयपुर की रहने वाली एक फैशन डिजाइनर ने 2025 में मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत कोर्ट के माध्यम से पुलिस तक पहुंची थी।

आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण किया
महिला का आरोप था कि राजेश मिश्रा और उनकी पत्नी ने उन्हें फैशन बुटीक और बिजनेस में साझेदारी का भरोसा दिलाया और विश्वास में लेकर आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण किया।

पैसों के दुरुपयोग के आरोप
शिकायत के मुताबिक महिला के पैसों से फाइव स्टार होटलों और महंगे रेस्टोरेंट्स में लाखों रुपये खर्च किए गए। महंगी ज्वेलरी और डायमंड ज्वेलरी (करीब 27 लाख रुपए) खरीदी गई। भुगतान लौटाने का वादा किया गया, लेकिन रकम वापस नहीं की गई।

महिला ने जांच एजेंसियों को होटल बिल, ट्रांजेक्शन डिटेल्स, ज्वेलरी की रसीदें, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट और तस्वीरें भी उपलब्ध कराई थीं।

यात्राएं और निजी संबंधों का आरोप
पीड़िता के अनुसार, फरवरी 2025 में पहली मुलाकात के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे और कई यात्राएं की। आरोप है कि इन यात्राओं के दौरान उनसे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी डाला गया।

बगलामुखी मंदिर में हवन का दावा
एक अन्य आरोप में महिला ने बताया कि नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर में दोनों ने साथ हवन किया था, जहां वे पति-पत्नी के रूप में मौजूद थे। महिला का कहना है कि 6 अक्टूबर के बाद राजेश मिश्रा ने उससे संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।

जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीआईजी तरुण नायक को जांच सौंपी गई। जनवरी 2026 में राजेश मिश्रा को CID से हटाकर पीटीआरआई भेजा गया।

जांच के बाद करीब 20 पेज की रिपोर्ट तैयार की गई। रिपोर्ट में महिला के लगाए गए अधिकांश आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई है। होटलों में ठहरने से जुड़े CCTV फुटेज भी जांच में मिले हैं।

अब आगे क्या
जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी गई है। अब इस पूरे मामले में अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जल्द ही कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!