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सिरपुर तालाब से सटकर प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजरों पर होगी कार्रवाई: निगमायुक्त ने सिरपुर तालाब का दौरा कर अधिकारियों को कार्रवाई के दिए निर्देश

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 फ़रवरी 2026, 8:16 पूर्वाह्न
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सिरपुर तालाब से सटकर प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजरों पर होगी कार्रवाई

आदित्य शुक्ला 98260-63956 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम जोन 14 के अधीन आने वाले सिरपुर तालाब केचमेंट एरिया की सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर प्लॉट के सौदे कर दिए। इससे वहां अवैध कॉलोनियों की बसाहट हो गई है। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने अतिक्रमण हटाने और प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सिरपुर तालाब की सरकारी जमीन पर कई कॉलोनियां बस गई हैं। प्रजापत नगर, गुरुशंकर नगर, विदुर नगर सहित दर्जनों कॉलोनियो में अवैध निर्माण से सिरपुर तालाब केचमेंट एरिया सिकुड़कर मामूली रह गया है। इसके चलते सिरपुर तालाब को रामसर साइट घोषित होने के बाद निगमायुक्त व कलेक्टर को एनजीटी ने निर्देश दिए थे कि तालाब के किनारे से कब्जे हटाए जाएं। इसके चलते निगम ने एक बार कार्रवाई कर कई दुकानें व मकान तोड़ दिए, लेकिन मौजूदा में तालाब से सटकर कई नई कॉलोनियों की बसाहट हो गई है।

अवैध बसाहट देख अधिकारियों पर भड़के निगमायुक्त
हाल ही में सिरपुर तालाब रामसर साइट का निरीक्षण करने पहुंचे निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने जब तालाब के आसपास अवैध बसाहट देखी तो वह अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने निगम जोन 14 के भवन अधिकारी वैभव देवलासे और भवन निरीक्षक अनुभूति माडवी के साथ ही कॉलोनी सेल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब के नजदीक किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही बिल्डिंग अफसरों को हिदायत दी कि लोगों को केचमेंट एरिया में प्लॉट बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाए। अतिक्रमण हटाने के बाद जमीन पर निगम का बोर्ड भी लगाया जाए।

जमीन में हेरफेर
जोन 14 के भवन अधिकारी और भवन निरीक्षकों की मिलीभगत से सिरपुर तालाब केचमेंट एरिया की जमीन का जादूगरों ने बड़े पैमाने पर हेरफेर किया है। पुराने दस्तावेजों में यह तालाब के केचमेंट एरिया की जमीन महारानी के नाम पर दर्ज है, जिसे सरकार ने कब्जे में ले लिया।

इसके बाद भी भूमाफियाओं ने जमीन के सौदे कर उस जमीन पर कॉलोनियां बसा दीं। भूमाफियाओं के इस खेल में निगम व प्रशासन के अफसरों की मिलीभगत होने से कभी कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई।

जमीन के सौदे को लेकर कई भूमाफियाओं के खिलाफ पुलिस में शिकायतें भी हुईं, भूमाफिया जेल भी गए, लेकिन बाहर आते ही उन्होंने नए सिरे से जमीन की सौदेबाजी कर जमकर कमाई की है। इससे मौजूदा में सिरपुर तालाब का केचमेंट एरिया पूरी तरह से गायब हो गया है।

दर्जनभर भूमाफिया
सिरपुर तालाब केचमेंट एरिया की जमीन के सौदे करने में करीब दर्जनभर भूमाफिया सक्रिय रहे। बताया जाता है कि सबसे पहले लच्छूराम व्यास ने फार्म हाउस बनाने की योजना बनाई, इसके चलते उसने नक्शा भी बनाया, लेकिन बाद में फार्म हाउस की बिक्री कम होती देख वह जमीन टुकड़ों में बेच दी।

इस तरह जिसने मामूली जमीन खरीदी वह जितनी जमीन पर कब्जा कर बेच सका बेचने लगा। इस तरह भूमाफियाओं ने दिखावे के दस्तावेजों पर सरकारी जमीन के जमकर सौदे कर दिए। इसी का नतीजा है कि सिरपुर तालाब केचमेंट एरिया में दर्जनों अवैध कॉलोनियों की बसाहट हो गई और निगम व प्रशासन के अफसर मूक दर्शक बने रहे। अब निगमायुक्त ने एक बार फिर जमीन को लेकर कार्रवाई करने में रुचि दिखाई तो भूमाफियाओं के हाथ-पांव फूलने लगे हैं।

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