वसूली के बहाने एआरओ पर हो सकती है कार्रवाई: राजस्व विभाग के अफसरों व कर्मचारियों के साथ निगमायुक्त की बैठक कल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम राजस्व विभाग में अपर आयुक्त की मनमानी से परेशान एआरओ पर वसूली के बहाने कार्रवाई की तैयारी की गई है। इसके चलते कल निगमायुक्त के साथ सहायक राजस्व अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें अफसर के माइंड गेम में फंसकर कई एआरओ की कुर्सी छिन सकती है। ज्ञात रहे कि पूर्व की बैठक में वसूली पर भड़के निगमायुक्त ने तीन एआरओ को नोटिस जारी कर हटाने की चेतावनी दी थी।
इन दिनों निगम राजस्व विभाग अपर आयुक्त और सहायक राजस्व अधिकारियों के बीच नूरा कुश्ती जारी है। अपर आयुक्त ने एआरओ को हटाने का खेल निगमायुक्त के साथ हुई पिछली बैठक से ही शुरू कर दिया, जिसमें कम वसूली को लेकर नाराज निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने जोन 9, जोन 12 और जोन 20 तीन एआरओ को नोटिस जारी कर हटाने की चेतावनी दे दी थी।
अब कल फिर बैठक हो रही है। इसे लेकर चर्चा है कि इसके लिए अपर आयुक्त ने एआरओ पर 714 संपत्तियों के क्षेत्रफल में हेरफेर करने के आरोप लगाकर उन्हें हटाने का रास्ता तैयार कर दिया है। इसके चलते चर्चा है कि कल होने वाली बैठक में अफसर के कहने पर निगमायुक्त कार्रवाई करेंगे या एआरओ को क्लीनचिट देंगे।
फोटो वायरल होने से हुई किरकिरी- नगर निगम में हर कोई अपर आयुक्त राजस्व और कर्मचारियों के बीच जारी विवाद पर बयानबाजी कर रहा है। चर्चा है कि भागीरथपुरा में ड्रेनेजयुक्त दूषित पानी की सप्लाय से जानलेवा संक्रामक बीमारी फैली उसमें अब तक 32 लोगों की मौत हुई है।
इसमें शुरुआत में ही अपर आयुक्त राजस्व भागीरथपुरा पहुंचे और एआरओ ग्रुप पर एक मकान की फोटो शेयर कर निर्देश दिए कि इस मकान का टैक्स असेसमेंट किया जाए। यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे अपर आयुक्त की बहुत किरकिरी हुई। निगमायुक्त ने भी उन्हें फटकार लगाई कि एक तरफ लोग मर रहे हैं, वही टैक्स असेसमेंट के निर्देश दे रहे हो। इस घटना के बाद अपर आयुक्त भड़क गए उन्होंने इस बात की टीस बांध ली कि एआरओ के ग्रुप में डाली गई फोटो आखिर सोशल मीडिया पर वायरल कैसे हो गई। कोई ऐसा एआरओ है, जिसने यह फोटो जानबूझकर वायरल की है।
छवि खराब करने का प्रयास
निगम राजस्व विभाग के एआरओ ने अफसर की मनमानी से परेशान होकर व संपत्ति क्षेत्रफल में बदलाव करने के आरोप लगाने के बाद पूर्व निगमायुक्त व वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर उन्हें मामले की जानकारी दी। निगम कर्मचारियों ने बताया कि रूटीन संशोधन को घोटाला बताकर छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने एआरओ की समस्या जानने के बाद सभी को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जानकारी निगमायुक्त क्षितिज सिंघल से साझा करेंगे, जो जरूरी होगा वह किया जाएगा। कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद अपर आयुक्त की कुर्सी डगमगाने लगी है। इस बीच अपर आयुक्त ने अपने चहेते राजस्व निरीक्षकों को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल से मिलने पहुंचा दिया।
मनचाही कुर्सी के लेन-देन का खेल
सूत्रों का कहना है कि कमाई का यह खेल मनचाही कुर्सी के लेन-देन का है। इसके चलते अफसर के नजदीकी दागी जिस कुर्सी की मंशा जता चुके हैं उस जोन के एआरओ को हटाने की रूपरेखा अफसर ने बनाना शुरू कर दी है। इसके चलते आने वाले दिनों में जो तय कीमत अदा करेगा उसको उसकी पसंद के जोन पर पदस्थ कर दिया जाएगा। निगम अफसर के इस खेल की भनक निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और कलेक्टर शिवम वर्मा को भी लग गई है, जिससे अफसर के मंसूबे अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
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