सिक्सलेन हाईवे निर्माण के दौरान हादसा: सरियों के बीच में दबने से मजदूर की मौत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
सिक्सलेन हाईवे निर्माण के दौरान एक हादसे में मजदूर की मौत हो गई। दरअसल, इंदौर-उज्जैन फोरलेन को सिक्सलेन में बदलने का कार्य चल रहा है।
हादसे में हुई मजदूर की मौत
इस दौरान शांति पैलेस चौराहे पर हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब पुल के पिलर पर काम करते समय मजदूर सरियों के बीच फंस गया।
लोहे का जाल बिछाने का चार रहा था काम
रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा निर्मित ब्रिज पर काम कर रहे झारखंड निवासी अशोक पिलर पर लोहे का जाल (सरिया) बिछा रहा था।
अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सरियों में फंस गया। घटना के समय पिलर पर चार-पाँच मजदूर मौजूद थे। सहकर्मी विष्णु ने बताया कि संतुलन बिगड़ने के बाद अफरा-तफरी मच गई।
सरियों को काटकर अशोक को बाहर निकाला
सूचना मिलने पर नीलगंगा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने गैस कटर की मदद से सरियों को काटकर अशोक को बाहर निकाला। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
15 मजदूर काम कर रहे थे
नीलगंगा थाना प्रभारी टी. तरुण कुरिल ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की गंभीर जांच का संकेत देती है। इस परियोजना में झारखंड से आए लगभग 15 मजदूर काम कर रहे थे।
इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन हाईवे परियोजना सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत विकसित की जा रही है। जिसकी अनुमानित लागत 1619 करोड़ रुपए है। यह सड़क इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक बनाई जा रही है।
इस परियोजना में तीन फ्लाईओवर, छह अंडरपास और ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए आठ जंक्शन शामिल हैं। इसका उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात को सुगम बनाना है।
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