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लैब टेक्नीशियन से 6.56 लाख की ठगी: ई-चालान के नाम पर APK फाइल भेजकर की; ऐसे फंसाया जाल में

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 फ़रवरी 2026, 7:10 पूर्वाह्न
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लैब टेक्नीशियन से 6.56 लाख की ठगी

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
शहर से साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल में कार्यरत लैब टेक्नीशियन को ठगों ने आरटीओ ई-चालान के जाल में फंसाकर करीब 6.56 लाख रुपए की चपत लगा दी।

APK फाइल के जरिए बैंक खाते को बनाया निशाना
ठगों ने मोबाइल में भेजी गई APK फाइल के जरिए डेटा एक्सेस कर बैंक खाते को निशाना बनाया। यह मामला मुरार थाना क्षेत्र के काशीपुरा इलाके का है और घटना करीब 10 दिन पुरानी बताई जा रही है।

हरियाणा के खाते में पहुंची पूरी रकम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ठगी की पूरी राशि हरियाणा के पानीपत निवासी विशाल कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। इस सुराग के बाद मुरार पुलिस की एक टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए पानीपत रवाना हो गई है।

म्यूल अकाउंट की आशंका
पुलिस को आशंका है कि जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, वह म्यूल अकाउंट हो सकता है। यानी ठगों ने किसी व्यक्ति का बैंक खाता किराए पर लेकर धोखाधड़ी की है। अब पुलिस इसी खाते के माध्यम से ठगी के पूरे नेटवर्क की चेन तैयार करने में जुटी है।

चालान के मैसेज से शुरू हुई ठगी
पीड़ित शिवनारायण धाकड़, जो काशीपुरा में वर्षा कॉन्वेंट स्कूल के पास रहते हैं, जनवरी माह में उनके मोबाइल पर आरटीओ चालान के नाम से एक APK फाइल आई थी। उन्होंने अनजाने में फाइल डाउनलोड कर ली।

बाद में बेटे को बताने पर उसने फाइल को फर्जी बताया, जिसके बाद शिवनारायण ने उसे खोलने से परहेज किया और मामला भूल गए।

पैसे निकलने का मैसेज आया
करीब 20 दिन तक कोई गतिविधि नहीं हुई, लेकिन कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर 90 हजार रुपए निकलने का मैसेज आया। बेटे से पूछने पर उसने किसी भी ट्रांजेक्शन से इनकार कर दिया।

खाते से निकाले पैसे, लोन भी ले लिया
बैंक पहुंचने पर शिवनारायण को पता चला कि उनके खाते से 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उनके नाम पर 5 लाख रुपए का ऑनलाइन जम्बो लोन और क्रेडिट कार्ड से 66 हजार रुपए से ज्यादा का इंस्टेंट लोन भी ले लिया गया है। यह जानकारी मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए।

पुलिस ने दर्ज की FIR
मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में ठगी की रकम पानीपत के खाते में ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस हरियाणा में जांच कर रही है।

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