कांग्रेस पर हमलों की बौछार: मोदी की कब्र क्यों खोदी जा रही; लोकसभा में बोलने से रोके गए पीएम राज्यसभा में हुए मुखर
KHULASA FIRST
संवाददाता

प्रधानमंत्री ने ही देश को बताया
‘रागा' के गाये जा रहे ‘चीनी राग' ने मोदी को फिर दे दिया संसद की जगह ‘देश को संबोधित' करने का अवसर
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के जवाब के जरिये पीएम ने कांग्रेस पर किए जोरदार हमले, कांग्रेस का वॉकआउट
नेहरू से इंदिरा, राहुल तक को लिया निशाने पर, टीएमसी नेता ममता को भी नहीं बख्शा, घुसपैठियों को बचाने का आरोप
‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी' जैसे लग रहे नारे पर मुखर मोदी ने नारे को ‘मोहब्बत की दुकान' से जोड़ बना दिया एक बड़ा मुद्दा
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दिल्ली से करीब 900 मील दूर बैठकर आपके इस प्रिय पक्के इंदौरी अखबार खुलासा फर्स्ट ने कल सुबह जो अंदेशा जाहिर किया था, शाम होते-होते वह सच साबित हो गया। मसला संसद के बाहर मचे शोर और सदन के अंदर पसरे गतिरोध से जुड़ा है। नेता प्रतिपक्ष एक अप्रकाशित पुस्तक के जरिये ‘राग चीन आलाप' कर क्या फिर कोई गलती कर बैठे?
खुलासा फर्स्ट के इस सवाल का जवाब कल देश को संसद से ही मिल गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के जवाब में एक बार फिर सदन से ‘देश को संबोधित' कर दिया। पीएम के 1 घंटा 37 मिनट के संबोधन में ये लगा ही नहीं कि वे सदन व आसंदी से मुखातिब हैं।
चर्चा के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस के खिलाफ करते हुए उस चर्चित नारे को फोकस में ला दिया, जो मोदी तेरी कब्र खुदेगी के रूप में लग रहा है। मोदी ने इस नारे को ‘मोहब्बत की दुकान' से जोड़कर इसे इमोशनल टच दे दिया और इसे एक तरह से ‘चुनावी मुद्दा' बना दिया।
सिक्ख मंत्री को गद्दार दोस्त बोलकर क्या फंस गए राहुल? इस सवाल का जवाब भी कल ही मिल गया। पीएम ने इस मामले पर 10 मिनट से ज्यादा बोलकर इसे सिक्खों के ही नहीं, सिक्ख गुरुओं के अपमान से जोड़ दिया।
स्व यं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही गुरुवार को देश को बताया कि मेरी कब्र खोदने के मंसूबे क्यों नारे के रूप में जाहिर किए जा रहे हैं। मोदी ने राज्यसभा में अपने भाषण में विस्तार से इस पर बात की और हर वो मुद्दा बताया, जिसके कारण कब्र खुदने के नारे लग रहे हैं।
उन्होंने कहा ये नारा नहीं, नफरत का प्रतिबिंब है, जो मोहब्बत की दुकान से झलक रहा है। पीएम मोदी ने कब्र खुदने के पीछे जो कारण बताया, उसमें धारा 370 हटाना, नॉर्थ-ईस्ट में बम-बंदूक खत्म कर शांति स्थापित करना, पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर मारना, ऑपरेशन सिंदूर चलना, माओवादी आतंक से देश को मुक्त करना, नेहरू द्वारा लागू सिंधु जल समझौते को रद्द करना और सबसे बढ़कर ये बात कि ये मोदी यहां तक आ कैसे गया और आ गया तो फिर अब तक टिक कैसे गया।
कब्र खुदने के कारणों की इस फेहरिस्त के साथ मोदी ये बोलने से नहीं चुके कि प्रधानमंत्री पद एक परिवार की जागीर होने की मानसिकता ही मोहब्बत की दुकान में नफरत की आग लगा रही है।
नेहरू के लिए 35, इंदिरा के लिए 57 करोड़ देशवासी समस्या... पीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के ईरान दौरे पर दिए गए भाषण का ज़िक्र करते हुए बताया कांग्रेस के लिए देश की जनसंख्या का आंकड़ा समस्या है। उन्होंने इंदिरा गांधी के भाषण का ज़िक्र करते हुए कहा इंदिराजी ने बताया कि किसी ने उनके पिता नेहरूजी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है, तो पिता ने जवाब दिया- 35 करोड़।
देश की आबादी उस वक्त इतनी थी। आज देश की आबादी 57 करोड़ है, इसलिए मेरे देश की समस्या भी इतनी बड़ी है। मोदी ने इन भाषण का ज़िक्र कर कहा कि ये कांग्रेस की सोच है, जो अपने देशवासियों को समस्या माने। हमारी सोच है समस्या कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हमारे पास ‘140 करोड़’ समाधान हैं।
सिक्ख मंत्री को गद्दार कहना बताता है अहंकार सातवें आसमान पर है... पीएम मोदी ने राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार दोस्त बोलने के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष के अहंकार को सातवें आसमान से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस को कितने ही लोग छोड़ चुके हैं।
कांग्रेस के कितने ही टुकड़े हो गए, लेकिन गद्दार सिर्फ सिक्ख सांसद को बोला गया। ये सिक्खों का अपमान है, गुरुओं का अपमान है। राजनीति में विचारों के परिवर्तन करने पर गद्दार कहना कांग्रेस का सिक्खों के प्रति नफरत का परिचायक है। पीएम ने राहुल के गद्दार वाले बयान पर तंज कसा कि ऐसे लोग ही कांग्रेस को डुबोएंगे।
पीएम ने इस मामले में सदन में बैठे सांसद सदानंद मास्टर का जिक्र किया कि राजनीतिक विद्वेष के चलते उनके दोनों पैर भरी जवानी में काट दिए, लेकिन उन्होंने अपनी वाणी से एक शब्द भी विरोधी विचार के लिए अपशब्द के रूप में प्रकट नहीं किया और देशसेवा का व्रत कायम रखा।
इंदिराजी मांगती रहीं खच्चर, सरकार देती रही जीप...सदन में कल पीएम एक अलग अंदाज में थे। उन्होंने कांग्रेस की देश के विकास की सोच पर खूब हमले किए। इंदिरा गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने योजना आयोग से हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ व पहाड़ी इलाकों के लिए खच्चर की मांग की, क्योंकि वहां सड़कें नहीं थीं।
लेकिन योजना आयोग के पास ऐसा कोई प्रस्ताव ही नहीं था। उन्होंने इंदिराजी से कहा कि हम जीप दे सकते हैं, खच्चर का प्रावधान नहीं है। ऐसे ही मोदी ने सरदार पटेल के नर्मदा बांध के सपने का जिक्र किया कि जब मैं पैदा नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने इसकी मांग की। ये काम मेरे पीएम बनने के बाद पूरा हुआ।
बारामुला-ऊधमपुर रेलवे लाइन 30 साल से अटकी थी। आज देश बर्फ की वादियों के बीच रेल का नजारा देख रहा है। असम को अरुणाचल से जोड़ने वाला ब्रिज भी हमने ही आकर बनाया। बस्तर में बस तक नहीं थी।
18 हजार गांव ने 2014 के बाद बिजली देखी। गरीबी के नारे लालकिले से खूब लगे, लेकिन 25 करोड़ देशवासियों को गरीबी रेखा से हमने दूर किया। कांग्रेस सिर्फ इमेजिंग करती है। हम इम्प्लीमेंट करते हैं।
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