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अपनी गलती छिपाते-छिपाते थक जाओगे साहब: शर्मा को नहीं शर्म, नेताओं के पैरों में जा गिरे

अब राजनेताओं की शरण में आरटीओ, बेशर्मी ऐसी कि अभी भी गलती मानने को तैयार नहीं खुलासा फर्स्ट…इंदौर नायता मूंडला स्थित आरटीओ कार्यालय में पत्रकार हेमंत शर्मा और राजा खान के साथ हुई घटना ने पूरे विभाग के

Khulasa First

संवाददाता

04 दिसंबर 2025, 2:34 अपराह्न
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अपनी गलती छिपाते-छिपाते थक जाओगे साहब

अब राजनेताओं की शरण में आरटीओ, बेशर्मी ऐसी कि अभी भी गलती मानने को तैयार नहीं

खुलासा फर्स्ट…इंदौर

नायता मूंडला स्थित आरटीओ कार्यालय में पत्रकार हेमंत शर्मा और राजा खान के साथ हुई घटना ने पूरे विभाग के काले कारनामों का खुलासा कर दिया है। आरटीओ परिसर में दलाल बनकर घूमने वाले छोटे-मोटे गुंडों ने जैसे ही खुद का खुलासा होते देखा, तुरंत पत्रकारों पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्हें जान से मारने की कोशिश तक की गई।

इस घटना के बाद आरटीओ प्रदीप शर्मा शहर में मुंह छिपाते घूम रहे हैं और दलाल व बाबू सहित अब राजनेताओं की शरण में जाकर अपने अपराधों पर पर्दा डालने में जुटे हैं। वहीं पुलिस कप्तान साफ कह चुके हैं कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बावजूद आरटीओ शर्मा में इतनी भी शर्म नहीं कि वह अपनी गलती मानकर कोई ठोस कार्रवाई करें, जिससे इन दलालों और दो-नंबरी बाबुओं पर नकेल कसी जा सके।

पहले केसरबाग रोड से लेकर विजय नगर चौराहा तक इंदौर का आरटीओ कार्यालय शांति, तालमेल और सामंजस्य के साथ काम करने के लिए जाना जाता था। अधिकारी आते-जाते थे, लेकिन बंद कमरों की कहानियां बाहर नहीं आती थीं। सब अपनी-अपनी लाइन में रहकर काम करते थे और किसी को नाराज नहीं किया जाता था। लेकिन कुछ बेशर्म अधिकारी ऐसे भी निकल आते हैं, जो अकड़ और मूर्खता में नौकरी कम और नेताओं के तलवे चाटने की परंपरा ज्यादा निभाते हैं। प्रदीप शर्मा ने भी इंदौर आरटीओ की छवि को जिस हद तक नुकसान पहुंचाया, उससे विभाग की वही साख बनाने में सालों लग जाएंगे। शर्मा की उक्त हरकत से अब मामला और बिगड़ता नजर आ रहा है।

जल्द बनेगी पुलिस चौकी... घटना के बाद जब पत्रकारों ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात की तो कलेक्टर ने भी माना कि शहर से इतनी दूर बने इस सरकारी कार्यालय के अंदर-बाहर कैमरे होना जरूरी है। वहीं कलेक्टर ने पुलिस कमिश्नर से चर्चा कर भविष्य में यहां एक पुलिस चौकी स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की। घटना वाले दिन थाने से फोर्स आने में देरी हुई, जिसकी वजह से हमलावरों ने बेखौफ घटना को अंजाम दिया। उस दौरान जिस हमलावर ने पत्रकार पर भारी फर्शी उठाकर मारने का प्रयास किया, यदि वह किसी को लग जाती तो और गंभीर हादसा हो जाता।

जल्द पुलिस गिरफ्त में होंगे सभी आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी आरोपी अलग-अलग शहरों में फरार हो गए हैं, लेकिन उनकी लोकेशन पुलिस के पास है। जिन बाबुओं और दलालों ने पत्रकारों पर हमला किया था, वे जितने दिन फरार रहेंगे, उनकी सजा उतनी ही कठोर होती जाएगी। पुलिस का कहना है सभी आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी और जो भी इस हमले में लिप्त था, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी कार्यालय, फिर भी कैमरे नहीं
इतने बड़े सरकारी कार्लालय में सीसीटीवी न होना भी शक की परतों को और गहरा कर देता है। घटना वाले दिन जब खुलासा फर्स्ट के संपादक अंकुर जायसवाल आरटीओ प्रदीप शर्मा से चर्चा कर रहे थे, तब यह बात सामने आई कि कार्यालय में बाहर और अंदर एक भी कैमरा नहीं लगा है।

शर्मनाक बात यह कि खुद प्रदीप शर्मा ने कहा था कि कैमरों की कोई जरूरत नहीं है, जबकि हकीकत यह है कि रोज फिटनेस, परमिट और आरटीओ की अन्य कार्रवाई में दलाल मोटी रकम वसूलते हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लग जाएं तो उनके काले कारनामों का तत्काल खुलासा हो जाएगा। यही वजह है कि आरटीओ की शह पर यहां कैमरे नहीं लगाए गए।

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