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NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत: हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 फ़रवरी 2026, 12:48 अपराह्न
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NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नीट पीजी काउंसलिंग में एनआरआई कोटे की सीटों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए छात्रों को राहत दी है। कोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है और निर्देश दिया है कि अंतिम राउंड तक एनआरआई सीटें पात्र अभ्यर्थियों को ही दी जाएं।

अधिवक्ता हेमेंद्र जैन ने रखा पक्ष
याचिकाकर्ता डॉ. अभि शर्मा की ओर से अधिवक्ता हेमेंद्र जैन ने पक्ष रखते हुए कहा कि जिन मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की सीटें खाली हैं और पात्र छात्र उपलब्ध हैं, वहां अगली सुनवाई से पहले सीटों का आवंटन किया जाए।

मॉप-अप राउंड में सीट बदलना नियम विरुद्ध
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया में चाहे कितने भी राउंड हों, लेकिन अंतिम राउंड (मॉप-अप या स्ट्रे-वेकेंसी राउंड) तक यदि एनआरआई सीटें और पात्र छात्र मौजूद हैं, तो उन सीटों को जनरल कोटे में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

यह दलील याचिका में
याचिका में दलील दी गई कि एमपी मेडिकल एजुकेशन रूल्स 2018-19 के नियम 14(क)(2) के तहत प्रत्येक निजी मेडिकल कॉलेज में 15 प्रतिशत सीटें एनआरआई कोटे के लिए आरक्षित हैं। यदि एनआरआई अभ्यर्थी उपलब्ध हों तो सीटों को सामान्य श्रेणी में नहीं बदला जा सकता और उन्हें अंतिम राउंड तक अवसर दिया जाना चाहिए।

क्या है विवाद
मामला NEET PG काउंसलिंग 2026 से जुड़ा है। एनआरआई अभ्यर्थियों ने डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME) के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें चौथे मॉप-अप राउंड में शेष एनआरआई सीटों को जनरल कोटे में परिवर्तित कर दिया गया था।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे उनके संवैधानिक और वैधानिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। सीनियर अधिवक्ता अजय बागड़िया ने तर्क दिया कि समय से पहले सीटों को जनरल कोटे में बदलना नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

हाईकोर्ट ने डीएमई को निर्देश दिया है कि अंतिम राउंड तक एनआरआई अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

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