क्या आवारा श्वानों से बनेगी सबसे स्वच्छ शहर की पहचान: डाॅग बाइट के सबसे ज्यादा मामले सामने आए
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । तब पांच साल का बालक अब भी उस घटना को याद कर सिहर उठता है। वह खौफनाक दृश्य उसकी आंखों के सामने आ जाता है जब आवारा श्वान ने कॉलोनी में ही उस पर हमला किया था। आवारा श्वान उस पर इस...
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तब पांच साल का बालक अब भी उस घटना को याद कर सिहर उठता है। वह खौफनाक दृश्य उसकी आंखों के सामने आ जाता है जब आवारा श्वान ने कॉलोनी में ही उस पर हमला किया था। आवारा श्वान उस पर इस कदर झपटा था कि उसके होंठ कट गए थे। इसके साथ ही कमर का निचला हिस्सा भी खून से भर गया था और गुप्तांग पर भी चोट आई थी। चेहरे पर टांके लगाने के साथ अन्य हिस्से की सर्जरी भी करना पड़ी थी।
यह केवल एक उदाहरण है। ऐसे कई हमले कालांतर में हो चुके हैं, जो यह बताते हैं कि लगातार आठ बार देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अब आवारा श्वानों के आतंक के रूप में अपनी पहचान बनाता जा रहा है। समय के साथ दावे-प्रतिदावे, साधन-सुझाव, उपाय, कानूनी पक्ष और जिम्मेदारों के बयान सब कुछ हुआ, हो रहा है, लेकिन नतीजा सिफर है।
बच्चों के साथ बुजुर्ग सर्वाधिक शिकार
शहर का शायद ही कोई हिस्सा होगा जहां आवारा श्वान नजर नहीं आते। सबसे बड़ी मुश्किल छोटे बच्चों के साथ बुजुर्गों की है। ये ही आवारा श्वानों के सर्वाधिक शिकार बन रहे हैं। इस स्थिति के लिए वे लोग भी जिम्मेदार हैं जो अपने घर का बचा हुआ खाना बीच सड़क पर ही आवारा श्वानों को परोस देते हैं। पर्याप्त भोजन की कमी से श्वान आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में डाग बाइट की घटनाओं में और इजाफा हो रहा है।
कमतर इंतजामों को अंगूठा
शहर की बात करें तो प्रतिदिन ही डाग बाइट की घटनाओं की सूचनाएं आती रहती हैं और रैबीज निरोधक इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पतालों में भीड़ लगती है। आवारा श्वान आने-जाने वालों पर पलक झपकते लपकते हैं। सामने वाले को बचाव का अवसर ही नहीं मिलता और वह बुरी तरह घायल हो जाता है।
दिन-ब-दिन शहर में आवारा श्वानों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है और ये कमतर इंतजामों को अंगूठा दिखाते रहते हैं। ऐसे में अन्य स्थानों से आ रही ऐसी खबरें भी डराती हैं कि एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के बाद भी किसी की जान चली गई।
50 हजार पार कर जाएगा आंकड़ा
वर्ष 2024 में शहर में कुत्तों के काटने की 44 हजार से अधिक घटनाएं हुई थीं और इस वर्ष के खत्म होते-होते यह आंकड़ा 50 हजार पार कर जाएगा। मध्यप्रदेश में इंदौर में सबसे ज्यादा डाग बाइट के मामले सामने आए। इस वर्ष के पहले सात महीनों में ही शहर में डाग बाइट की 30 हजार से अधिक घटनाएं हो चुकी थे। इस आंकड़े ने शहर को देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया।
…फिर भी आवारा श्वानों के जमघट
आवारा श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण जैसे अभियान के बावजूद हर गली-मोहल्ले में आवारा श्वानों का जमघट देखकर नहीं लगता कि ठोस कुछ हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ऐसे मामलों पर चिंता जताते हुए आवारा श्वानों को शेल्टर होम में रखने और आबादी पर अंकुश के लिए एबीसी यानी पशु जन्म नियंत्रण जैसे नियमों का पालन करने के आदेश दे ही चुका है।
देश में आवारा श्वानों को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत सुरक्षा मिली हुई है, ऐसे में उन्हें मारा अथवा हटाया नहीं जा सकता। पशु प्रेमी संगठन भी समय-समय पर माहौल को गर्माते रहते हैं। कहते हैं जिम्मेदारों की आंखें तब तक नहीं खुलतीं जब तक कि वे स्वयं या उनका कोई अपना इस तरह की घटना का शिकार न हो जाए। क्या इसी दिन का इंतजार है। समय रहते देश के सबसे स्वच्छ शहर को डॉग बाइट का प्रमुख केंद्र बनने से रोकिए, शहरवासी आपका शुक्रिया अदा करेंगे।
नि:शुल्क टीकाकरण 27 को... पशुपालन एवं डेयरी विभाग तथा प्रांतीय राजपत्रित पशु चिकित्सक संघ द्वारा नि:शुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर 27 दिसंबर को पशु चिकित्सालय, राजमोहल्ला में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा।
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