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लापरवाह बीवीजी कंपनी पर मेहरबानी क्यों: एमवाय में दोहराई जा रही गलती; कई कॉलेजों से हटाया है कंपनी को

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । अगस्त में एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरे जाने के बाद ब्लैक लिस्टेड एजाइल कंपनी के स्थान पर अब एमजीएम प्रबंधन ने जिस बीवीजी कंपनी को सफाई और सुरक्षा का ठेका दिया

Khulasa First

संवाददाता

31 दिसंबर 2025, 9:29 पूर्वाह्न
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लापरवाह बीवीजी कंपनी पर मेहरबानी क्यों

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
अगस्त में एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरे जाने के बाद ब्लैक लिस्टेड एजाइल कंपनी के स्थान पर अब एमजीएम प्रबंधन ने जिस बीवीजी कंपनी को सफाई और सुरक्षा का ठेका दिया है, वो भी लापरवाही की मिसाल खड़ी कर चुकी है। सवाल उठ रहा है इस कंपनी पर आखिर इतनी मेहरबानी क्यों ?

ये कंपनी इतनी गैरजिम्मेदाराना है कि उसे 2018 व 2019 में विदिशा, दतिया, शहडोल, सागर और ग्वालियर के मेडिकल कॉलेजों से इसे गंभीर लापरवाहियों और कार्य का स्तर घटिया होने के कारण हटाया जा चुका है। ऐसी कंपनी को इंदौर में क्यों और किसके दबाव में ठेका दिया गया?

अगस्त अंत में एमवाय अस्पताल में कुख्यात चूहा कांड हुआ था। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती दो नवजात को चूहों ने कुतर खाया था। इस घटना की विश्वव्यापी चर्चा हुई थी और दुनिया के कई देशों के मीडिया ने इस घटना को शर्मनाक बताया था। इसके बाद एमजीएम प्रबंधन ने सितंबर में एजेंसी बदलने की प्रक्रिया शुरू की।

एजाइल कंपनी को हटा दिया। अब उसके स्थान पर बीवीजी कंपनी को ठेका दिया गया है, जो लापरवाही के कारण कई मेडिकल कालेजों से बाहर हो चुकी है। एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेस लिमिटेड (हाइट्स) के जरिए नवंबर के अंतिम सप्ताह में शासन की अनुमति लिए बिना सफाई और सुरक्षा का जिम्मा सीधे बीवीजी इंडिया लिमिटेड को सौंप दिया गया।

इंदौर एयरपोर्ट पर भी यही कंपनी सफाई का काम संभाल रही है और अक्टूबर में वहां भी एक यात्री ने चूहे द्वारा काटने की शिकायत की थी। इधर, दो महीने से वेतन नहीं मिलने से एक दिन पहले सफाई व सुरक्षा कर्मचारियों ने सुपर स्पेशिएलिटी और एमटीएच अस्पताल में हड़ताल कर दी थी। हालांकि समझाइश, आश्वासन के बाद काम पर लौट आए थे। कंपनी का ठेका बदलने से उनका वेतन अटक गया है।

चयन पारदर्शी तरीके से
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी का कहना है एचएलएल भारत सरकार का उपक्रम है और कंपनी का चयन पारदर्शी तरीके से किया गया है। बीवीजी कंपनी को काम संभालने की हरी झंडी दे दी गई है।

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