किसके रोने की आवाज जंगल में सुनाई दी: बोरे में क्या रखा था; देखकर उड़ गए होश, अब क्या बोल रहे डॉक्टर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, सतना।
उचेहरा ब्लॉक के विश्व विख्यात भरहुत गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जन्म के महज डेढ़ से दो घंटे बाद एक नवजात शिशु (बालक) को जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह नवजात को पुरातत्व विभाग की बाउंड्रीवाल के अंदर बोरी में बंद कर छोड़ दिया गया था। जब दिशामैदान के लिए ग्रामीण जंगल में पहुंचे तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।
ग्रामीणों ने इसे देखा तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद सरपंच माया देवी और पुलिस को सूचित किया गया, जिससे नवजात की जान बच गई।
सहायक उपनिरीक्षक संतोष सिंह, आरक्षक संतोष वर्मा, कौशल गुर्जर और महिला आरक्षक शिवानी मेहरा ने नवजात को सुरक्षित बाहर निकालकर सिविल अस्पताल उंचेहरा पहुंचाया।
महिला चिकित्सक और विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के अनुसार बच्चा अस्पताल लाए जाने के डेढ़ से दो घंटे पहले ही जन्मा था। नवजात की नाल तक नहीं कटी थी और शरीर पर गंदगी लगी हुई थी। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बच्चे की जान जा सकती थी।
अभी नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। सरपंच माया देवी ने नवजात की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली। वे अस्पताल में मौजूद रहकर बच्चे की देखभाल कर रही हैं।
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