जब आसमान बना नेताओं के लिए काल: विमान हादसे में भारत के इन बड़े राजनेताओं की गई जान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। एक दर्दनाक विमान हादसे में उनका असामयिक निधन हो गया है। पिछले 7 महीनों के भीतर भारतीय राजनीति के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है।
इससे पहले जून 2025 में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी की भी विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। भारत के इतिहास पर नजर डालें तो अब तक 7 बड़े राजनीतिक चेहरे हवाई हादसों का शिकार हो चुके हैं।
इन नेताओं की विमान/हेलिकॉप्टर हादसों में हुई मौत
बलवंतराय मेहता (1965)
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कच्छ के रण में हालात का जायजा लेने जा रहे थे। इसी दौरान उनका विमान पाकिस्तानी हमले का शिकार हो गया। इस हादसे में मेहता, उनकी पत्नी, तीन कर्मचारी, एक पत्रकार और दो क्रू मेंबर्स की मौत हुई। यह स्वतंत्र भारत का पहला बड़ा राजनीतिक विमान हादसा माना जाता है।
संजय गांधी (1980)
कांग्रेस सांसद संजय गांधी को विमान उड़ाने का शौक था। 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट से उड़ान भरते समय वे एरोबेटिक स्टंट कर रहे थे। इसी दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में संजय गांधी और उनके सहयात्री सुभाष सक्सेना की मौके पर ही मौत हो गई।
माधवराव सिंधिया (2001)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया 30 सितंबर 2001 को कानपुर में एक रैली में शामिल होने जा रहे थे। मैनपुरी जिले के पास उनका विमान क्रैश हो गया। 56 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ। यह हादसा देश की राजनीति के लिए बड़ा झटका था।
जी.एम.सी. बालयोगी (2002)
लोकसभा अध्यक्ष पद पर रहते हुए गंती मोहना चंद्र बालयोगी की मृत्यु हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई। आंध्र प्रदेश में एक कार्यक्रम में जाते समय उनका हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण क्रैश हो गया। हादसे में उनके सुरक्षा अधिकारी और पायलट की भी जान चली गई।
डोरजी खांडू (2011)
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू का विमान तवांग से इटानगर जाते समय लापता हो गया था। कई दिनों की खोजबीन के बाद विमान का मलबा मिला और उनके निधन की पुष्टि हुई। वे उस समय 56 वर्ष के थे।
विजय रुपाणी (2025)
12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे। बाद में जारी मृतकों की सूची में उनके निधन की पुष्टि हुई। वे लंदन अपने परिजनों से मिलने जा रहे थे।
संबंधित समाचार

कॉपी-किताब मोनोपोली पर सख्त कार्रवाई:स्कूल के संचालक-प्राचार्य पर एफआईआर; अभिभावक की शिकायत पर हुआ खुलासा

जोन 10 के उपयंत्री का 15 दिन का वेतन काटने और एल एंड टी कंपनी पर एक लाख की पैनल्टी लगाने के दिए निर्देश

फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई:कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को किया सील; कलेक्टर ने कही ये बात

वंदे मातरम् विवाद:महापौर पुष्यमित्र भार्गव और शेख अलीम की डील का नतीजा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!