प्लॉट पर पहुंचा तो पता चला...हो गया कब्जा: भरोसे में रुद्राक्ष ग्रुप के नितिन रोचलानी ने अस्तित्वहीन प्लॉट दिखाकर की ठगी
KHULASA FIRST
संवाददाता

रोचलानी बोला खरीद लो फायदे का प्लॉट, कागज भी मेरे पास , भरोसे में लेकर किसानों से करवा दी रजिस्ट्री
नामांतरण का बोला तो बोला- मैं करवा दूंगा, फिर 9 माह तक टालता रहा
पीड़ित कब्जा लेने गया तो चौकीदार बोला- यह प्लॉट सहारा ग्रुप का
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कनाड़िया थाना क्षेत्र में विवादित भूमि की बिक्री कर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने कई नए और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पीड़ित महेंद्र जैसवाल का आरोप है कि शहर के चर्चित कॉलोनाइजर रुद्राक्ष ग्रुप के नितिन रोचलानी ने भरोसे में लेकर ऐसा प्लॉट बेचा, जिसका न तो मौके पर कोई भौतिक अस्तित्व मिला और न ही कब्जा, उलटे उस जमीन पर सहारा ग्रुप का कब्जा होना और मामला न्यायालय में लंबित होना सामने आया।
पीड़ित महेंद्र जैसवाल के मुताबिक सौदे के समय नितिन रोचलानी ने स्पष्ट कहा था कि प्लॉट पूरी तरह निर्विवाद है, फायदे का सौदा है और सभी कागजात उसके पास हैं। नामांतरण के सवाल पर भी भरोसा दिलाया कि वह खुद करवा देगा। भरोसे में आकर पीड़ित ने किसानों के नाम से विधिवत रजिस्ट्री करवाई और करोड़ों रुपए चेक व आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किए।
रजिस्ट्री के बाद जब नितिन रोचलानी को नामांतरण करवाने का कहा तो बोला करवा दूंगा। कई मर्तबा बोलने के बाद भी उसने नामांतरण नही करवाया। ऐसे करते-करते 9 माह से ज्यादा समय बीत गया। शंका होने पर जब कब्जा लेने ग्राम बिचौली हप्सी स्थित सर्वे नंबर 102/1 की जमीन पर पहुंचा, तो वहां मौजूद चौकीदार ने बताया कि यह जमीन सहारा ग्रुप की है और कब्जा भी उन्हीं का है।
किसानों तथा सहारा ग्रुप के बीच न्यायालयीन विवाद चल रहा है। यह सुनते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर न तो कोई सीमांकन मिला, न नाप-जोख और न ही ऐसा कोई भौतिक प्लॉट, जैसा कागजों में दर्शाया गया था। जिसके बाद नितिन रोचलानी को कॉल कर बताया तो कहने लगा प्लॉट का कोई विवाद नही चल रहा है, मैं नामांतरण करवाकर कब्जा भी दिला दूंगा। जिसके बाद से ही उसके आगे-पिछले घूम रहा हूं।
टालमटोल और कथित धमकी
पीड़ित का कहना है कि जब उसने नितिन रोचलानी से इस बारे में बात की तो पहले वह टालमटोल करने लगा, ऐसा करते-करते उसने लंबा समय बर्बाद कर दिया। बाद में जब नितिन रोचलानी से राशि लौटाने की मांग की तो वह कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर धमकाने लगा। उसने यह तक कहा कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जो बन पड़े कर लो। मेरी पकड़ ऊपर तक है।
यह था पूरा मामला
पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में बताया कि 21 फरवरी 2025 को 10 हजार स्क्वेयर फीट भूमि का पंजीकृत विक्रय-पत्र कराया। सौदा पार्टनर रवि तकतानी के साले रुद्राक्ष ग्रुप के नितिन रोचलानी के माध्यम से हुआ। नितिन ने नौ किसानों को उपस्थित कराकर उनसे सीधे रजिस्ट्री करवाई और भरोसा दिलाया कि उसने पहले ही उनसे सौदा कर लिया है।
पारिवारिक और व्यावसायिक संबंधों के चलते पीड़ित ने अतिरिक्त जांच-पड़ताल पर जोर नहीं दिया, जो बाद में भारी पड़ गया। शिकायत में नितिन रोचलानी को इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड बताया गया है।
आरोप है कि उसने खुद सामने आए बिना किसानों/विक्रेताओं के नाम से रजिस्ट्री कराई और पर्दे के पीछे से पूरे सौदे को नियंत्रित किया। पीड़ित का कहना है कि इसी रणनीति के तहत विवादित जमीन को निर्विवाद बताकर बेचा गया और उसकी करोड़ों की राशि ठगी गई है।
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