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रिएक्टिव नहीं, प्रिवेंटिव पुलिसिंग चाहिए, थाना प्रभारियों की ली क्लास; अब नहीं चलेगी ढिलाई: कमिश्नर संतोष कुमार सिंह का दो टूक संदेश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर में बढ़ते अपराधों, असामाजिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था को लेकर अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने साफ शब्दों में दो टूक

Khulasa First

संवाददाता

14 दिसंबर 2025, 9:34 पूर्वाह्न
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रिएक्टिव नहीं, प्रिवेंटिव पुलिसिंग चाहिए, थाना प्रभारियों की ली क्लास; अब नहीं चलेगी ढिलाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर में बढ़ते अपराधों, असामाजिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था को लेकर अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने साफ शब्दों में दो टूक संदेश दे दिया है। शहर के समस्त अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि अब पुलिस को घटनाओं के बाद नहीं, पहले एक्शन लेना होगा।

पुलिस मुख्यालय के सभागार में नगरीय क्षेत्र के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और थाना प्रभारियों की सघन कार्य समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपराध नियंत्रण, विवेचना, ड्रोन पेट्रोलिंग, चेकिंग और सामुदायिक पुलिसिंग को लेकर सख़्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अमित सिंह, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आर.के. सिंह, सभी डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

जोन-वाइज समीक्षा, हर थाने की परफॉर्मेंस कटघरे में
पुलिस कमिश्नर ने वर्ष 2025 में अब तक दर्ज गंभीर अपराध, माइनर अपराध, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, विवेचना की गुणवत्ता, कोर्ट प्रकरण, यातायात व्यवस्था, ड्रोन पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान की ज़ोन-वाइज गहन समीक्षा की। स्पष्ट संकेत दिए गए कि जिन थानों की परफॉर्मेंस कमजोर पाई गई है, वहां सीधी जवाबदेही तय होगी।

चाइनीज मांझा: अब जागरूकता नहीं, सख़्त कार्रवाई: बैठक में चाइनीज और प्रतिबंधित मांझे को लेकर पुलिस कमिश्नर ने सख़्त रुख अपनाते हुए कहा कि सिर्फ समझाइश नहीं, अब सीधी कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख़्त केस दर्ज हों। जागरुकता अभियानों को मैदानी स्तर पर उतारा जाए।

थानों की होगी सख्त मॉनिटरिंग
इनको लेकर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी और एडिशनल डीसीपी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से थानों का निरीक्षण करें और कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित करें। साथ ही लंबित और गंभीर प्रकरणों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए। थानों और कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ संवेदनशीलता से पेश आने, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए गए।

सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर: पुलिस कमिश्नर ने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस के भरोसे नहीं हो सकता। मोहल्ला समितियों, जनसंवाद और नागरिक सहभागिता को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

यह बैठक केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि यह एक स्पष्ट चेतावनी थी।अब हर थाना, हर अधिकारी और हर कार्रवाई की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।शहर में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अब एक्शन मोड में है।

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