वार्ड 80 भी पी रहा था ड्रेनेज वाला पानी: भाजपा पार्षद ने कहा- पटवारी समर्थकों ने लाइन को दूषित किया
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
वार्ड 80 में जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ व निगम की हठधर्मिता का गंभीर मामला सामने आया है। रहवासी महीनों से ड्रेनेज मिश्रित पानी पीने को मजबूर हैं।
विडंबना है इस बुनियादी समस्या के समाधान की गुहार लगाई, तो निगम ने राहत देने के बजाय नोटिस थमा दिए। निगम की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में आक्रोशित रहवासियों ने जोन-21 का घेराव कर दिया।
पार्षद प्रशांत बडवे की गुंडागर्दी नहीं चलेगी, पार्षद इस्तीफा दो.. नगर निगम की तानाशाही नहीं चलेगी.. नारेबाजी की और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने जोन अधिकारी हेमंत मिश्रा और बिल्डिंग ऑफिसर तन्मय सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। अफसरों को जमकर फटकारते हुए कहा प्रशासन जनता की सेवा के लिए है, न कि दबाव में काम के लिए। चौकसे ने पूछा धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की बजाय गरीबों को निशाना क्यों बना रहे हैं, जिन्होंने केवल दूषित पानी की शिकायत का साहस दिखाया।
जब स्थल पर खुदाई में स्पष्ट खुलासा हुआ नर्मदा की मुख्य पेयजल पाइपलाइन और ड्रेनेज लाइन आपस में मिल गई हैं। इससे बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। रहवासियों का आरोप है वाजिब समस्या बताने पर डराया-धमकाया गया और दबाव बनाने के उद्देश्य से नोटिस जारी कर दिए गए।
कल तक का अल्टीमेटम
कांग्रेस ने निगम को सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया है। चिंटू चौकसे ने मांग की सोमवार तक उन तथाकथित शिकायतकर्ताओं के नाम और आवक रजिस्टर सार्वजनिक किए जाएं, जिनके आधार पर ये नोटिस जारी हुए। साथ ही कार्यालय के वे सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए जाएं जिनमें शिकायतकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी प्रतिशोध की भावना से जारी नोटिस वापस नहीं लिए गए, तो जिम्मेदार अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर आंदोलन होगा।
जोनल अधिकारी की सफाई- कारण अवैध कनेक्शन
नर्मदा पाइप लाइन से नलों में दूषित जल आपूर्ति की शिकायत आई थी। जांच में चार अवैध कनेक्शन पाए गए, जिनके कारण पाइप लाइन में लीकेज की स्थिति बनी थी। दुरुस्त कर दिया है और अवैध कनेक्शन धारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की है। - हेमंत मिश्रा, जोन अधिकारी 21
शुद्ध जल के लिए अन्न-पानी छोड़ा: बडवे
मामले ने राजनैतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस के आंदोलन और गुंडागर्दी के आरोपों पर भाजपा पार्षद प्रशांत बडवे ने मीडिया से चर्चा में पलटवार किया। पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की साजिश और अवैध कनेक्शनों का नतीजा बताया। खुलासा
किया पाराशर नगर में दूषित पानी की समस्या प्राकृतिक नहीं थी। यह कांग्रेस नेता जीतू पटवारी का गृह क्षेत्र है। जहां लीकेज हुआ, वहां उनके समर्थकों के 3-4 घर हैं, उन्होंने अवैध पाइप लाइन जोड़ रखी थी। इसी से मुख्य लाइन में ड्रेनेज का पानी मिला। अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई की है।
जैसे ही रहवासी संघ के अध्यक्ष आनंद पंडित और उनके साथियों ने नगर निगम जोन 21 पर शिकायत की, वे तुरंत सक्रिय हुए। संकल्प लिया था जब तक रहवासियों के नल में शुद्ध जल नहीं आएगा, अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। नगर निगम की टीम ने 9 घंटे की मशक्कत से लीकेज ढूंढा।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा और जिलाध्यक्ष सुमित मिश्रा की मौजूदगी में टेस्टिंग कर समस्या का समाधान किया गया। वायरल वीडियो में गुंडागर्दी के आरोपों पर बडवे ने कहा आंदोलन में एक भी रहवासी शामिल नहीं था। कांग्रेस के हारे हुए पार्षद प्रत्याशी, जिन पर पां आपराधिक रिकॉर्ड हैं और 122 की कार्रवाई लंबित है, लोगों को धमका रहे हैं।
चिंटू चौकसे को ऐसे लोगों पर नजर रखनी चाहिए जो झूठ फैला रहे हैं। नोटिस के सवाल पर पार्षद ने स्पष्ट किया प्रगति नगर हाउसिंग सोसाइटी में अवैध निर्माणों की जांच हो रही है। कांग्रेस नेता तन्मयसिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाया अहीरखेड़ी में नाले को बंदकर भू-माफिया की तरह काम कर रहे हैं, जिसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
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