अवैध वसूली पर यूनिक हॉस्पिटल के सीएमएचओ को मिला अल्टीमेटम: आयुष्मान योजना में सेंध
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गरीबों के लिए वरदान बनी आयुष्मान योजना में सेंधमारी और मरीजों के शोषण का एक गंभीर मामला शहर के यूनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सामने आया है। योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार के बजाय अवैध रूप से नकदी वसूलने के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस थमाते हुए तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
जानकारी के अनुसार न्यू राम नगर निवासी अंकित पाल की शिकायत ने निजी अस्पतालों के उस चेहरे का खुलासा किया है, जहां सरकारी योजनाओं को दरकिनार कर मुनाफाखोरी को प्राथमिकता दी जा रही है। अंकित के अनुसार, 2 फरवरी को वे अपने पिता के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
लेकिन, अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर फीस और जांचों के नाम पर न केवल ऑनलाइन पैसे लिए, बल्कि 4 फरवरी को भर्ती के वक्त 15 हजार रुपये नगद जमा कराने का दबाव भी बनाया। हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ने आयुष्मान योजना के तहत हक जताया, तो अस्पताल ने न केवल उपचार देने से इनकार कर दिया, बल्कि अभद्रता करते हुए फाइल तक छीन ली।
कठोर कार्रवाई के संकेत
कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन और मरीजों के साथ धोखाधड़ी है। यदि निर्धारित समय सीमा में अस्पताल का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयुष्मान योजना की शर्तों के उल्लंघन का यह प्रकरण अब उच्च स्तर पर भी भेजा जा रहा है, जिससे अस्पताल के पैनल से हटने तक की नौबत आ सकती है।
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