सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजशाला में अखंड पूजा: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूजा, नमाज साथ, दोपहर में भी अनवरत जारी रहेगी पूजा
KHULASA FIRST
संवाददाता

भोजशाला में मंत्रोच्चार के साथ अलसुबह से मां सरस्वती की पूजा शुरू, उमड़ा जनसैलाब
केसरिया पताकाओं और फूलों से सजी समूची भोजशाला, मातृशक्ति ने उकेरी सैकड़ों रंगोलियां
सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम, भोजशाला तक पहुंचने वाले मार्ग छावनी में तब्दील, पूरे शहर में हाई अलर्ट
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राजा भोज की नगरी में शुक्रवार को सूर्योदय एक अलग ही आभा के साथ आलोकित हुआ। नीलगगन में जैसे ही भगवान भुवन भास्कर की लालिमा छाई, धरा पर भगवा रंग बिखर गया। जिधर नजर दौड़ाओ, केसरिया पताकाएं ही पताकाएं नजर आ रही हैं।
नगर के मार्ग वंदनवार से सजे हुए हैं। न सिर्फ घर-आंगन व देहरी, बल्कि राह पर भी रंगोली के रंग सजे हुए हैं। समूची धारा नगरी अलसुबह से ही उत्सव में निमग्न हो गई है। पूरब में इधर सूर्य उदित हुआ, उधर वाग्देवी मां सरस्वती के धाम भोजशाला में मंत्रोच्चार शुरू हो गया।
हल्दी-कुमकुम से सजी यज्ञवेदियों में पवित्र अग्नि प्रज्ज्वलित हो गई। मंत्रोच्चार के साथ इन यज्ञवेदियों पर श्रद्धालुओं की आहुतियां भी शुरू हो गईं। लोगों के जत्थे के जत्थे भोजशाला की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं। भोजशाला के आसपास तो मानों एक बड़ा त्योहार पसरा हुआ हो।
यहां तक आने के रास्ते हालांकि सुरक्षा व्यवस्था से चाक-चौबंद हैं, लेकिन सरस्वती पूजन व भोजशाला दर्शन सहज व सरल बना हुआ है। दोपहर में कमाल मौला इबादत स्थल पर नमाज की तैयारियां भी हैं। जिला प्रशासन ने सांकेतिक नमाज के लिए लोग नामजद कर लिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला में पूजा व नमाज दोनों होंगी। दोनों पक्षों के लिए पूजा व नमाज के लिए स्थान अलग-अलग तय किए गए हैं। गुरुवार देर शाम जिला प्रशासन के साथ हिंदू संगठनों व मुस्लिम समाज की बैठक हुई।
इसमें जिला प्रशासन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशो की जानकारी दी। इसके अनुसार हिंदू संगठन गर्भगृह में सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती का पूजन करेंगे। मुस्लिम पक्ष को भोजशाला के संरक्षित परिसर में ही नमाज अदा करने का विकल्प दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार नमाज सांकेतिक होगी। नमाज अदा करने वालों की सूची मुस्लिम पक्ष कलेक्टर को देगा, जिसके आधार पर पास दिए जाएंगे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कोर्ट के फैसले का पालन किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सब शांतिपूर्ण संपन्न हो
भोजशाला में वसंत पंचमी पर अखंड पूजा की अनुमति व जुम्मे की नमाज पर रोक की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि वसंत पंचमी के दिन पूजा व नमाज दोनों ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाएंगी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्य बागची व जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि भोजशाला परिसर में दोनों पक्षों के लिए पूजा व नमाज के अलग-अलग स्थान तय किए जाएं। दोनों पक्षों के लिए एंट्री व एक्जिट की व्यवस्था अलग-अलग हो, ताकि टकराव की स्थिति न बने और कानून व्यवस्था कायम रहे।
सुनवाई के दौरान केंद्र व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने सुझाव दिया कि यदि शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुम्मे की नमाज के लिए आने वाले लोगों की संख्या पहले तय हो जाए तो परिसर में नमाज के लिए अलग-स्थान उपलब्ध कराया जा सकता है।
पूजा अखंड व अनवरत रहेगी- हिंदू संगठन
संरक्षक महाराजा भोज वसंत उत्सव समिति, गोपाल शर्मा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले में अखंड पूजन को रोकने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया गया है। दोपहर के समय भी पूजन होगा। हिंदू समाज सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक पूजन करेगा।
उधर, धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम एक हैं। भाईचारा है। मुस्लिम समाज कोर्ट नहीं गया था। कलेक्टर से बात की है, इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की बात कही गई है। समाज के वरिष्ठ लोगों से बात चल रही है।
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