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वर्दी शर्मसार: पुलिस की साख पर बड़ा धब्बा; गौतमपुरा थाने के पीछे लड़खड़ाते एसआई का वीडियो वायरल

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 जनवरी 2026, 9:26 पूर्वाह्न
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कानून के रखवाले ही अगर नशे में हों, तो इंसाफ किससे मांगा जाए? गौतमपुरा से सामने आया वीडियो अब पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर रहा है। मामला देपालपुर तहसील के गौतमपुरा स्थित हिंगोट मैदान क्षेत्र में देशी-अंग्रेजी शराब दुकान के पास किराना दुकान व ढाबा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस बनाम जनता की शक्ल ले चुका है।

विवाद को नई और सनसनीखेज दिशा तब मिली जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वर्दीधारी पुलिसकर्मी नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए थाने के पीछे के दरवाजे से अंदर जाता दिख रहा है। इसमें एसआई दीपक कुमार बघेल वर्दी में नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह वीडियो उसी रात का है, जब अवैध शराब की सूचना पर कार्रवाई के बाद विवाद भड़का था। आरोप है कि एसआई नशे की हालत में थे और मुख्य गेट से बचते हुए पीछे के दरवाजे से थाने में दाखिल हुए। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश भड़क उठा, खासकर महिलाओं में जमकर नाराजगी थी।

सूत्रों के अनुसार मौके पर पहुंची टीम में एसआई दीपक कुमार बघेल वर्दी में थे, जबकि आदित्य प्रताप सिंह सिविल ड्रेस में साथ थे। किराना दुकान व ढाबा की छानबीन की गई, लेकिन कोई शराब या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक विवादित स्थल पर किराना दुकान व ढाबा का संचालन जसोदा बाई केवट के पुत्र कद्दू केवट और कालू केवट करते हैं। परिवार का कहना है कि दुकान–ढाबा वैध है और बिना बरामदगी के दबाव बनाया गया।

महिलाओं के गंभीर आरोप- नशा, गाली-गलौज और हाथापाई की

महिलाओं का आरोप है कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे, ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। आरोप है कि अभद्र भाषा, गाली-गलौज और हाथापाई की गई। महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से मेडिकल परीक्षण की मांग उठाई। घटना के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं गौतमपुरा थाने पहुंचीं। आरोप है कि पुलिस ने चैनल गेट बंद कर महिलाओं को भीतर प्रवेश से रोका, जिसके बाद थाने के बाहर जमकर हंगामा हुआ। इसी दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों को पीछे के दरवाजे से अंदर ले जाने की बात सामने आई।

महिलाओं के जमावड़े की जड़ में पारिवारिक संबंध

इस पूरे घटनाक्रम में अब एक बड़ा और संवेदनशील तथ्य सामने आया है। जानकारी के अनुसार थाने पर जिन महिलाओं का जमावड़ा और हंगामा देखने को मिला, उनमें गौतमपुरा में पदस्थ एएसआई विकास राठौर की पारिवारिक भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गौतमपुरा उनका ससुराल क्षेत्र है और विवादित किराना–ढाबा से जुड़ी जसोदा बाई को उनकी सास बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी पारिवारिक जुड़ाव के कारण महिलाओं का एकजुट होकर थाने तक पहुंचना और हंगामा करना विवाद की मुख्य जड़ बना। मामला जैसे ही ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एसपी के संज्ञान में आया उन्होंने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए एएसआई विकास राठौर को निलंबित कर दिया और उनका तबादला इंदौर रक्षित केंद्र कर दिया गया।

नशे में ड्यूटी के आरोप, अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर

इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर आरोप नशे की हालत में ड्यूटी करने को लेकर है। वायरल वीडियो और महिलाओं के आरोपों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नशे में बताए जा रहे पुलिसकर्मियों पर विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या उनका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, क्या विभागीय जांच बैठाई जाएगी, या फिर मामला सिर्फ प्रशासनिक समायोजन तक सीमित रह जाएगा यह सब देखने लायक होगा। यह प्रकरण अब केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रहा, बल्कि पुलिस अनुशासन, जवाबदेही और साख की अग्निपरीक्षा बन चुका है। आने वाले दिनों में ग्रामीण एसपी की अगली कार्रवाई यह तय करेगी कि कानून का पालन कराने वाली पुलिस अपने ही नियमों पर कितनी सख्ती से अमल करती है।

किसे बचाया, किस पर गिरी गाज ?

इस पूरे मामले में यह भी सामने आया है कि गौतमपुरा थाना प्रभारी अलका मेनिया द्वारा ग्रामीण एसपी को एएसआई विकास राठौर के विरुद्ध औपचारिक शिकायत की गई, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर इंदौर रक्षित केंद्र भेज दिया गया, लेकिन इसी के साथ दो अन्य पुलिसकर्मियों जिन पर नशे में ड्यूटी, अभद्रता और वायरल वीडियो जैसे गंभीर आरोप लगे उन पर अब तक स्पष्ट कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।


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