उमंग सिंघार बोले- सभी इलाकों का पानी पीने योग्य नहीं: शहर की जल व्यवस्था में नहीं दिख रहा कोई भी सुधार
KHULASA FIRST
संवाददाता

मंत्री के क्षेत्र में गटर के पास बिछी पाइप लाइन, भूरी टेकरी में बीमारियों का डेरा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 20 मौतों और सैकड़ों लोगों के अस्पताल पहुंचने के बाद भी शहर की जल व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर खुद मोर्चा संभाला और रहवासियों के साथ घर-घर जाकर पानी जांचा।
सिंघार ने जब अपने हाथों से पानी के सैंपल लेकर मौके पर जांच की तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। जांच में लगभग सभी इलाकों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। नेता प्रतिपक्ष ने तीखे शब्दों में कहा कि देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज जहरीला और सीवेजयुक्त पानी पीने को मजबूर है।
सिंघार का दौरा सबसे पहले मुस्लिम बहुल इलाके मदीना नगर से शुरू हुआ। यहां की महिलाओं ने रोष जताते हुए बताया कि नगर निगम नए कनेक्शन के नाम पर 7 से 8 हजार रुपए वसूल रहा है, वहीं पुराने बकाया के नाम पर 22 हजार रुपए तक के बिल थमाए जा रहे हैं।
बिल न भरने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी जाती है, लेकिन बदले में सप्लाई गंदे पानी की हो रही है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष खजराना पहुंचे, जहां नर्मदा के पानी की जांच के दौरान भारी बदबू पाई गई। सिंघार ने तंज कसा कि जिस नर्मदा को हम मां कहते हैं, उसके जल को इंदौर का प्रशासन इतना प्रदूषित कर चुका है कि वह अब जहर समान हो गया है।
सबसे भयावह स्थिति विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 में देखने को मिली, जो नगरीय प्रशासन मंत्री का गृह क्षेत्र है। यहां पीने के पानी की पाइपलाइन गटर के ठीक बगल से गुजरती पाई गई, जिससे लीकेज होने पर सीवेज का पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है। भूरी टेकरी और बर्फानी धाम इलाकों का हाल भी इससे जुदा नहीं था। यहां न केवल पानी दूषित मिला, बल्कि चारों ओर जलभराव और गंदगी के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। कनाड़िया क्षेत्र में भी जल परीक्षण के दौरान पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
सिंघार का सवाल क्या 20 मौतें काफी नहीं?
दौरे के अंत में उमंग सिंघार ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या 20 लोगों की जान जाने के बाद भी सरकार की नींद नहीं टूटेगी?, क्या महापौर और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?, उन्होंने जनता से अपील की है कि वे खुद भी अपने इलाकों से पानी के सैंपल लें और सरकार को आईना दिखाएं। सिंघार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो कांग्रेस पूरे शहर में उग्र जन आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।
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