करोड़ों की जमीन हड़पने वाले गिरोह के दो और आरोपी पकड़ाए: दो महिलाओं की भूमिका की जांच
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की अवैध कमाई करने वाले शातिर गिरोह पर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई कर दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज जमीन घोटाले में अब तक कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि अन्य से जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक संगठित गिरोह कूटरचित अनुबंध, फर्जी नक्शे और अवैध कॉलोनी दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री करवा रहा था। क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के नाम चंदन कीर और मेहरबानसिंह कीर बताए गए हैं। पहले प्रवीण पूनमचंद और प्रवीण सिसोदिया को गिरफ्तार किया था है। सीमाबाई और कृष्णाबाई की भूमिका की जांच जारी है।
फरियादी विशाल सिंह द्वारा दी गई शिकायत पर जांच शुरू की गई, जिसमें सामने आया आरोपियों ने संगठित तरीके से फर्जी अनुबंध पत्र, फर्जी मानचित्र और अवैध कॉलोनी का नक्शा तैयार कर कृषि भूमि को तीसरे पक्ष को बेच दिया।
भूमि स्वामित्व से जुड़े विचाराधीन सिविल वाद के महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री करवा दी। इस पूरे खेल में आरोपियों ने करीब 3 करोड़ 62 लाख रुपए का अवैध लाभ अर्जित किया। कृत्य सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र था।
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी चंदन कीर को चिह्नित कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूला साथियों के साथ लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है आरोपियों ने इसी तरह की ठगी की अन्य घटनाओं को भी अंजाम दिया है, जिनका खुलासा जल्द किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से जमीन दलालों और फर्जी कॉलोनी काटने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर उनके बैंक खातों, लेन-देन और अन्य सहयोगियों की गहराई से जांच कर रही है।
बंधक प्लॉट बेचे, कॉलोनाइजर पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा
जमीन के नाम पर बड़ा खुलासा हुआ है। विकास की अनुमति लेकर नियमों को ठेंगा दिखाते हुए कॉलोनाइजर ने बंधक रखे 39 प्लॉट ही बेच डाले। इसका खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने शिकंजा कसा और राज बिल्डकॉन के संचालक व भूमि स्वामी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
ईओडब्ल्यू एसपी रामेश्वर यादव के अनुसार सांवेर के ग्राम बजरंग पालिया स्थित श्री श्याम विहार कॉलोनी में यह पूरा खेल सामने आया है। दिसंबर 2020 में फर्म राज बिल्डकॉन को प्रशासन से कॉलोनी विकास की अनुमति मिली थी। जांच में खुलासा हुआ कि कॉलोनी का कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी ही नहीं हुआ।
विकास अनुमति की शर्तों के तहत 39 भूखंड कलेक्टर कॉलोनी सेल के समक्ष बंधक रखे गए थे। इन भूखंडों को विधिवत विमुक्त कराए बिना ही खरीददारों को बेच दिया गया। इतना ही नहीं, दो प्लॉट स्वयं राज बिल्डकॉन के संचालक राधेश्याम मुजाल्दे ने बेचे, जबकि एक प्लॉट भूमि स्वामी फर्म श्याम कृपा रियलिटी के संचालक अर्जुन सिंह राजपूत द्वारा बेचा गया।
यानी नियमों की अनदेखी कर बंधक प्लॉटों का सौदा खुलेआम किया गया। मामले में बीएनएस 2023 की धारा 318, 336, 338, 340 और 61 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और खरीददारों को हुए संभावित वित्तीय नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
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