ट्रैफिक पुलिस का एक्शन: रीगल चौराहे पर किया ड्रोन सर्वे; अब ऐसे मिलेगी ट्रैफिक जाम से निजात
खुलासा फर्स्ट, इंदौर। शहर में लगातार विकराल होती ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए, ट्रैफिक पुलिस अब इसे खत्म करने की तैयारी में है। अब 'ट्रैफिक इंजीनियरिंग' के जरिए सड़कों की संरचना में सुधार करने प
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में लगातार विकराल होती ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए, ट्रैफिक पुलिस अब इसे खत्म करने की तैयारी में है। अब 'ट्रैफिक इंजीनियरिंग' के जरिए सड़कों की संरचना में सुधार करने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में, आज ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मैदान में उतरे और उन्होंने शहर के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित चौराहों में से एक रीगल चौराहे का औचक दौरा किया।
रीगल चौराहे पर लिया गया 'मेजरमेंट'
इंदौर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने DCP आनंद कलादगी के नेतृत्व में रीगल चौराहे का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया।
ड्रोन से बनाया वीडियो
जाम की असली वजह का पता लगाने के लिए, चौराहे का ड्रोन वीडियो भी बनवाया गया, जिससे हर कोने और यातायात के प्रवाह को बारीकी से समझा जा सके। अधिकारियों ने न केवल जाम की स्थिति को अपनी आँखों से देखा, बल्कि समस्या की गहराई को मापने के लिए टेप का इस्तेमाल भी किया।
सड़कों की चौड़ाई को नापा
उन्होंने लेफ्ट टर्न (बाएँ मुड़ने वाले मोड़), रोटरी की बनावट और सड़कों की चौड़ाई को एक-एक इंच नापा। इस सटीक मेजरमेंट का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सड़कों की बनावट में कहाँ-कहाँ इंजीनियरिंग संबंधी खामियाँ हैं, जिनके कारण यहाँ बार-बार जाम लग जाता है।
DCP कलादगी का 'एक्शन प्लान'
DCP आनंद कलादगी ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर ट्रैफिक पुलिस उन सभी 'कंजेशन' (भीड़भाड़) और 'ट्रैफिक जाम' वाले क्षेत्रों को खुद जाकर देख रही है, जहाँ लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आती हैं।
आज रीगल चौराहे का दौरा किया गया, जहाँ लेफ्ट टर्न और रोटरी की स्थिति का जायजा लिया गया है। “हमने आज रीगल चौराहे को देखा है, जहाँ लेफ्ट टर्न और रोटरी को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इस पर काम कर रहे हैं।
इसकी एक विस्तृत 'स्टेटस रिपोर्ट' तैयार की जाएगी, जिसे जल्द ही संबंधित विभाग (संभवतः नगर निगम, IDA) को भेजा जाएगा ताकि इंजीनियरिंग सुधार का काम शुरू हो सके।" उन्होंने आगे बताया कि यह अभियान केवल रीगल चौराहे तक सीमित नहीं है। आगामी 1 महीने में, वह 10 से 15 अन्य प्रमुख स्थानों का दौरा करेंगे।
पुलिस अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर ट्रैफिक इंजीनियरिंग की चीजों में सुधार की गुंजाइश का अवलोकन करेंगे और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर एक्शन लेंगे। इस दौरान भी ड्रोन से वीडियो बनाना और सड़कों की चौड़ाई का सटीक मेजरमेंट लेने का काम जारी रहेगा।
इन सभी आंकड़ों और अवलोकनों के आधार पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे न केवल भेजा जाएगा, बल्कि उस पर हुए सुधार कार्यों को लगातार अपडेट भी किया जाएगा।
संबंधित समाचार

एमडी ड्रग्स के साथ तस्कर गिरफ्तार:कॉस्मेटिक दुकान के नाम पर बेच रहा था नशा

जहरीले पानी से 21वीं मौत:एक और महिला ने तोड़ा दम

मेट्रो के 16 स्टेशन जल्द पूरे होंगे परीक्षण का कार्य अंतिम चरण में

अनिका को महू से मिली बड़ी मदद, अन्य जगह भी जाएगी:कई संस्थान आए आगे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!