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व्यापार मेले की चमक से कम हुआ RTO का राजस्व: एक साल में हुआ 77 करोड़ का नुकसान

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 जनवरी 2026, 7:05 पूर्वाह्न
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व्यापार मेले की चमक से कम हुआ RTO का राजस्व

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हुए व्यापार मेले का सीधा असर इंदौर परिवहन कार्यालय (RTO) के राजस्व पर देखने को मिल रहा है। व्यापार मेले में मिलने वाली आकर्षक छूट और सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में वाहन खरीदारों ने इंदौर के बजाय उज्जैन में अपने वाहन पंजीकृत कराए।

इसका नतीजा यह हुआ कि वर्ष 2025 में इंदौर आरटीओ की वाहन बिक्री में 0.30 प्रतिशत और राजस्व में 8.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

एक साल में 77 करोड़ का राजस्व घटा
परिवहन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में इंदौर जिले में कुल 1 लाख 98 हजार 530 वाहनों का पंजीयन हुआ, जिससे लगभग 805 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं वर्ष 2024 में 1 लाख 99 हजार 82 वाहन पंजीकृत हुए थे और उस दौरान 883 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था।

इस तरह एक ही वर्ष में 552 वाहनों का पंजीयन कम हुआ, लेकिन इसका असर कहीं अधिक रहा और राजस्व में सीधे 77 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की गई।

महंगे वाहनों का रुख उज्जैन की ओर
राजस्व में आई इस भारी कमी का मुख्य कारण उज्जैन व्यापार मेला माना जा रहा है। मेले के दौरान 20 लाख रुपए से अधिक कीमत वाले कई प्रीमियम और लग्जरी वाहन उज्जैन में पंजीकृत किए गए। यही वजह है कि प्रदेश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार माने जाने वाला इंदौर इस बार आरटीओ राजस्व के मामले में पिछड़ता नजर आया।

व्यापार मेले से पहले लगातार बढ़ रहा था राजस्व
उज्जैन में व्यापार मेला शुरू होने से पहले इंदौर आरटीओ का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा था। वर्ष 2023 में 2022 की तुलना में वाहन बिक्री 17.58% और राजस्व 23.88% बढ़ा। लेकिन 2024 में व्यापार मेला शुरू होने के बाद बिक्री में बढ़ोतरी घटकर 4.92% और राजस्व बढ़ोतरी सिर्फ 1.72% रह गई। वहीं 2025 में स्थिति और बिगड़ी, जब बिक्री और राजस्व दोनों में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई।

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