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तीन टीआई फेल: शिकायत थी कि फोन नहीं उठाते, कमिश्नर ने ले ली परीक्षा तो औंधे मुंह गिरे

रिस्पांस टाइम देखने के लिए लगवाया फोन तो किसी ने नहीं उठाया अगली बार नहीं होना चाहिए गलती, लगाई फटकार खुलासा फर्स्ट,इंदौर । लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि टीआई फोन नहीं उठाते हैं। पर्दे के पीछे क

Khulasa First

संवाददाता

02 दिसंबर 2025, 7:22 पूर्वाह्न
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तीन टीआई फेल

रिस्पांस टाइम देखने के लिए लगवाया फोन तो किसी ने नहीं उठाया

अगली बार नहीं होना चाहिए गलती, लगाई फटकार

खुलासा फर्स्ट,इंदौर
लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि टीआई फोन नहीं उठाते हैं। पर्दे के पीछे की सच्चाई जानने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने थाना प्रभारियों को फोन लगवाकर उनके रिस्पांस टाइम की परीक्षा ले ही ली। नतीजा ये रहा कि तीन टीआई औंधे मुंह गिरकर फेल हो गए। हालांकि निंदा या अन्य सजा देने के बजाय पुलिस कमिश्नर ने दोबारा गलती न करने की चेतावनी देते हुए उन्हें फटकार लगाई।

उल्लेखनीय है कि साल का अंतिम दौर चलने के चलते पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह लगातार जनता के बीच जनसंवाद के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं, जिनमें थानों के सिस्टम, टीआई के फोन नहीं उठाने और मनमानी की बात कही गई। उन्होंने शहर के सभी थानों में निगरानी बढ़ा दी। गुंडे-बदमाशों, हॉट स्पॉट और प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा शुरू कर दी। इतना ही नहीं, पिछले दिनों वे खुद देर रात विजय नगर थाने पहुंचे थे। इसके बाद 26 नवंबर की रात द्वारकापुरी थाने का औचक निरीक्षण किया था।
वहीं, एडिशनल सीपी अमित सिंह भी कनाड़िया थाने का निरीक्षण करने पहुंचे थे। कल सुबह उन्होंने थाना प्रभारियों का रिस्पांस टेस्ट ले लिया।

उन्होंने पुलिस लाइन से चार सूबेदारों को बुलवाया और प्रभात गश्त में घूम रहे थाना प्रभारियों को किसी घटना की सूचना देने के लिहाज से फोन लगवाए। खास बात यह कि कुछ थाना प्रभारियों ने तो रिस्पांस दिया, लेकिन तीन ने फोन कॉल को न तो रिस्पांस दिया, न ही कॉल बैक किया। दोबारा कॉल कराने पर भी यही स्थिति रही। बताते हैं ये थाना प्रभारी जोन-2 के कनाड़िया थाना टीआई सहर्ष यादव, तिलक नगर थाना टीआई के मनीष लोधा और जोन-1 के सदर बाजार थाने के टीआई यशवंत बड़ोले हैं। हालांकि पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने तीनों को कोई सजा तो नहीं दी, लेकिन सख्त हिदायत देते हुए फटकार जरूर लगाई।

पुलिसकर्मियों की पूर्व में भी होती रही हैं परीक्षाएं
उल्लेखनीय है कि पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह फरवरी माह में पंढरीनाथ थाने पहुुंचे थे। इस दौरान थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों से बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं के बारे में पूछा तो कोई भी जवाब नहीं दे पाया था। नाराज पुलिस कमिश्नर ने टीआई कपिल शर्मा सहित 15 पुलिसकर्मियों को दंडित करते हुए डीसीपी जोन-4 के कार्यालय में अटैच कर दिया था। साथ ही सभी की लिखित परीक्षा भी ली थी। वहीं, इससे पहले इंदौर पुलिस कमिश्नर रहे हरिनारायणचारी मिश्र भी अपने कार्यकाल में थाना प्रभारियों और चेकिंग पाइंट पर लगे पुलिसकर्मियों के रिस्पांस टाइम की परीक्षा ले चुके थे।

हालांकि कुछ हद तक वे संतुष्ट रहे थे। इसी तरह भौंरासला पुलिस चौकी के एसआई तेरेस्फोर एक्का से जेल प्रहरी विकास डाबी और उसके तीन साथियों द्वारा की गई मारपीट के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह के साथ बाणगंगा थाने पहुंचे थे। साथ ही प्रभात गश्त में लापरवाही बरतने पर द्वारकापुरी टीआई रहे राहुल सिंह राजपूत और छत्रीपुरा थाना प्रभारी रहे केसी यादव को शोकॉज नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था।

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