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कम वसूली पर तीन सहायक राजस्व अधिकारियों पर तलवार: नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल की चेतावनी- लक्ष्य पूरा नहीं किया तो होंगे बर्खास्त

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 जनवरी 2026, 1:58 अपराह्न
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कम वसूली पर तीन सहायक राजस्व अधिकारियों पर तलवार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राजस्व अधिकारी लक्ष्य के अनुरुप वसूली करे। तय लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर वेतन काटने के साथ हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

आयुक्त के साथ राजस्व विभाग की बैठक में अपर आयुक्त ने अपने पक्ष में माहौल बनाने के साथ ही निगमायुक्त से एआरओ को चेतावनी दिलवा दी जबकि राजस्व कर्मचारी लगातार अपर आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर उनका विरोध कर रहे हैं।

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियो की बैठक ली। परिचय प्राप्त कर जानकारी ली कौन कर्मचारी कितने समय से पदस्थ है। इसके बाद संपत्ति, जलकर सहित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की जोनवार राजस्व वसूली की जानकारी ली।

जोन-9, 12 एवं 20 में कम वसूली पर भडक़ गए। सहायक राजस्व अधिकारी जोन-9 प्रशांत पटेल, जोन-12 प्रतीक भिडोरिया एवं जोन-20 के सचिन रावत को फटकार लगाई। तीनों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी वसूली में शीघ्र सुधार नहीं होता है, तो जिम्मेदारों के विरु। बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्य ठीक से नहीं किया तो वेतन भी कटेगा और कुर्सी भी जाएगी।

संपत्ति का ब्येरा जुटाएं - आयुक्त ने सहायक राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे आवासीय स्थलों की पहचान एवं मार्किंग करें, जहां किराएदार हैं। साथ ही ऐसे आवासीय परिसरों की भी पहचान करें जहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

सभी जानकारी निर्धारित प्रारूप में मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराई जाए। आगामी निरीक्षण के दौरान यदि दर्ज रिकॉर्ड एवं वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपत्तियों का असेसमेंट निर्धारित प्रारूप में, पूर्ण भौतिक निरीक्षण के साथ किया जाए। बड़े संस्थान जैसे मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, शोरूम आदि का सही असेसमेंट कर डिमांड जनरेट कर प्रभावी वसूली की जाए।

दस दिन बाद फिर होगी बैठक -- अपर आयुक्त राजस्व का विभागीय कर्मचारी खुलकर विरोध कर रहे हैं। इसके चलते ही अपर आयुक्त का अवकाश निरस्त कर उनको वापस बुलाया गया। अपनी साख बचाने के लिए अपर आयुक्त ने आयुक्त के साथ राजस्व विभाग की बैठक आयोजित कर एआरओ द्वारा काम नहीं करने और गड़बड़ी करने की बात कहकर तीन एआरओ को चेतावनी दिलवा दी। इससे निगमायुक्त की नजर में अपर आयुक्त की साफ-सुथरी छवि बन गई और एआरओ सहित पूरा राजस्व अमला लापरवाह सिद्ध हो गया।

अपर आयुक्त ने दिखाई पॉवर- सूत्रों की मानें तो अपर आयुक्त ने 9, 12 ओर 20 को चेतावनी दिलवाकर विरोध करने वालों को जता दिया पॉवर उनके पास है। कुछ भी कर सकते हैं। इसी तरह निगम में अफसरो की अफसरशाही हावी होती जा रही है।

आयुक्त ने राजस्व अमले के साथ अगली बैठक दस दिन करने का ऐलान कर दिया जिसमें इस बैठक के बाद किए गए कार्यों की जोनवार जानकारी ली जाएगी। राजस्व वसूली में ठोस प्रगति नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शहर जाना नहीं, दे दी चेतावनी
बैठक के बाद चर्चा है विरोध करने वालों को अपर आयुक्त ने आयुक्त से चेतावनी दिलवा दी है। इससे खुदी की कुर्सी बच गई लेकिन एआरओ की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। कहा जा रहा है आयुक्त को अभी शहर के भौगोलिक क्षेत्र की जानकारी नही है।

इसके चलते ही उन्होने एआरओ को कार्रवाई की चेतावनी दी है जबकि हकीकत में जोन 9, 12 एवं 20 में कभी लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होती। गरीब बस्तियां या पुराने निर्माण होने से मामूली राजस्व ही जमा होता है। आयुक्त को शहर का ज्ञान नहीं होने का फायदा अपर आयुक्त ने उठाया और अपने मंसूबे पूरे करने में सफल रहे।

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