भगवान शिव की आराधना का दिन है ये: मानसिक तनाव कम करने और जीवन में स्थिरता लाने में सहायक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आज सोमवार है। सोमवार का दिन सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह दिन भगवान शिव की उपासना और चंद्रमा की शांति से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार का स्वामी चंद्र ग्रह है, जो मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक माना जाता है।
इस दिन की गई साधना महत्वपूर्ण
इसलिए इस दिन की गई साधना व्यक्ति के मानसिक तनाव को कम करने और जीवन में स्थिरता लाने में सहायक मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार को प्रातःकाल स्नान कर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
ऐसे लोग रखें सोमवार का व्रत
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जिन व्यक्तियों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में हो, उन्हें सोमवार का व्रत रखने और सफेद वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है। चावल, दूध और सफेद मिठाई का दान करना शुभ माना जाता है। यह उपाय मानसिक अस्थिरता, अनिद्रा और पारिवारिक कलह को कम करने में सहायक बताया जाता है।
बढ़ता है चंद्रबल
धर्माचार्यों का कहना है कि सोमवार को संयम, शांति और मधुर वाणी का पालन करने से चंद्र बल बढ़ता है। इस दिन शिव चालीसा, रुद्राष्टक या महामृत्युंजय मंत्र का जप विशेष फलदायी माना गया है। घर में उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाकर ध्यान करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
केवल धार्मिक अनुष्ठान का दिन नहीं
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सोमवार केवल धार्मिक अनुष्ठान का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और संकल्प का भी दिन है। सप्ताह की शुरुआत शिव स्मरण से करने पर कार्यों में सफलता और मानसिक दृढ़ता प्राप्त होती है।
आंतरिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन
सोमवार का यह आध्यात्मिक महत्व आज भी समाज में उतना ही प्रासंगिक है, जितना प्राचीन काल में था। आधुनिक जीवन की व्यस्तता के बीच यह दिन लोगों को आंतरिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन की ओर प्रेरित करता है।
संबंधित समाचार

कॉपी-किताब मोनोपोली पर सख्त कार्रवाई:स्कूल के संचालक-प्राचार्य पर एफआईआर; अभिभावक की शिकायत पर हुआ खुलासा

जोन 10 के उपयंत्री का 15 दिन का वेतन काटने और एल एंड टी कंपनी पर एक लाख की पैनल्टी लगाने के दिए निर्देश

फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई:कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को किया सील; कलेक्टर ने कही ये बात

वंदे मातरम् विवाद:महापौर पुष्यमित्र भार्गव और शेख अलीम की डील का नतीजा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!