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मकान पर कब्जा कर झूठे केस में फंसाने की मिल रही धमकियां: श्रीनाथ टाउनशिप के मकान विवाद में खरीदार पक्ष ने खोला मोर्चा

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 जनवरी 2026, 10:37 पूर्वाह्न
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मकान पर कब्जा कर झूठे केस में फंसाने की मिल रही धमकियां

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
श्रीनाथ टॉउनशिप (ढाबली) के मकान को लेकर चल रहे विवाद में दूसरे पक्ष ने भी मोर्चा खोल दिया है। दूसरे पक्ष ने भी लसूड़िया थाने में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

आरोप लगाया है कि उन्होंने विधिवत मकान खरीदा है। सारे दस्तावेज उनके पास है। बावजूद इसके बेचवाल परिवार मकान पर कब्जा कर बैठा है और झूठे केसों में फंसाने की धमकियां दे रहा है।

20 जनवरी को खुलासा फर्स्ट ने क्रबेटे को खतरा, हम भी डर-डरकर जी रहेञ्ज शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें श्रीनाथ टॉउनशिप, ढाबली में गुंजा पति कमल पालीवाल की तरफ से आरोप था कि खराब आर्थिक स्थिति के चलते उन्होंने लोन लेकर बनाए मकान का सौदा 2 फरवरी 2025 को राजश्री पति आनंद द्विवेदी से 8.25 लाख में करते हुए 3.25 लाख रुपए बयाना लिया था।

14 फरवरी को एग्रीमेंट हुआ था। साढ़े तैरह लाख रुपए हम उसे बैंक के जरिए ऑनलाइन व नकद दे चुके हैं।

खरीदार ने बची हुई किस्तें और पूरा लोन भरने का वादा किया था, लेकिन बाद में लोन चुकाना तो दूर एक भी किस्त तक नहीं भरी। इतना ही नहीं 9 दिसंबर को आनंद द्विवेदी, राजश्री और उसके साथियों ने उनकी बेटियों व सास से मारपीट की थी।

खबर प्रकाशित होने के बाद दूसरे पक्ष की राजश्री पति आनंद द्विवेदी निवासी श्रीनाथ टॉउनशिप (ढाबली) ने भी गूंजा पालीवाल पर आरोप लगाया है।

पिछले दिनों लसूड़िया थाने में की गई शिकायत में बताया कि उनका सिंगापुर टॉउनशिप में आर्मी कान्वेंट नाम से स्कूल है। स्कूल उन्होंने गुंजा पालीवाल से खरीदे मकान में गत वर्ष शुरू किया था। वर्तमान में स्कूल में ढाई सौ से ज्यादा बच्चे हैं।

उक्त संपत्ति को लेकर डिस्फ्यूट होने पर गुंजा पालीवाल ने आपत्ति लगाई थी। मामले में केस कोर्ट एवं एसडीएम के पास चल है। उक्त संपत्ति को लेकर नोटिस जारी किया गया है। इसके तहत जब तक कोई निर्णय नहीं होता तब तक वहां पर कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

बावजूद इसके 17 जनवरी को गूंजा पालीवाल कुछ असामाजिक तत्वों के साथ दोपहर को वहां पहुंची। वह फर्नीचर उठाकर बाहर फेंकने लगी। हमने उन्हें समझाया तो वह दादागिरी करने लगी। अपनी मनमानी कर कोर्ट, एसडीएम ऑफिस और थाने के आदेश की अवहेलना की।

उसने ऑफिस का पूरा सामान बाहर फेंक दिया। सामान के साथ बच्चों की मार्कशीट और जरुरी डॉक्यूमेंट थे। हमने डॉयल 112 पर घटना की जानकारी दी, तो आरक्षक धर्मेंद्र और देवेंद्र शर्मा मौके पर आए थे। उन्होंने घटना का वीडियो बनाया था। राजश्री द्विवेदी ने गुंजा पालीवाल पर कार्रवाई की मांग की है।

हम किस्तें भर रहे थे, रिकॉर्ड हैं हमारे पास
आनंद द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए बताया कि खरीदे गए मकान पर बैंक पर दो लोन है। एक लोन 47 लाख का तो दूसरा 11 लाख का लोन है। 47 लाख वाले लोन में हमने 4 किस्तें भरी है। 11 लाख वाले लोन में 8 किस्तें भरी है।

गुंजा पालीवाल आरोप लगा रही है कि हमने एक भी किस्त नहीं भरी है। वह सरासर झूठी है। हमारे पास ऑनलाइन रिकॉर्ड है। हमने 5.21 लाख में मकान को रिपेयर कराया है। इसके बिल भी हमारे पास है। गुंजा पालीवाल पहले भी उक्त मकान कुछ लोगों को बेचकर बाद में सौदे से पलटकर बयाना राशि हड़प चुकी है।

हमारे खरीदे मकान पर कब्जा टीआई तारेश सोनी ने गुंजा पालीवाल को नहीं दिलाया बल्कि उसने खुद किया है। हम रुपए वापस मांगते हैं तो वह हमें एससीएसटी और दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देती है। वह मकान की रजिस्ट्री भी करने को तैयार नहीं है। अब रुपए हड़पने की मंशा से उक्त मकान के लिए नया ग्राहक तलाश रही है।

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