भारत की कृषि शक्ति, नवाचार और नेतृत्व दुनिया देखेगी, शिवराज सिंह चौहान: ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक जून में
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बैठक कर ब्रिक्स कृषि मंत्रियों के इंदौर सम्मेलन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन न केवल वैश्विक खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन और किसान कल्याण जैसे मुद्दों पर नई दिशा देगा, बल्कि इंदौर को अंतरराष्ट्रीय कृषि संवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि 9 से 11 जून तक इंदौर में ब्रिक्स कृषि कार्य समूह (एडब्ल्यूजी) की बैठक होगी, जबकि 12 और 13 जून 2026 को सदस्य देशों के कृषि मंत्री कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में अधिकारियों के साथ तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश कृषि के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन देशों से जुड़ा है। ऐसे में इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन केवल एक कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि और खाद्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर विमर्श मंच होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में ब्रिक्स के 11 सदस्य देश भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब है। इसके साथ कई साझेदार देश भी जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इंदौर में होने वाली बैठक में वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार को आसान बनाने, किसान कल्याण, आपूर्ति शृंखला, अनुसंधान, ज्ञान साझेदारी, डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और नवाचार जैसे विषयों पर गंभीर मंथन होगा।
उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और बदलते जलवायु परिदृश्य ने दुनिया के सामने नई कृषि चुनौतियां खड़ी की हैं, इसलिए जलवायु अनुकूल खेती और टिकाऊ कृषि प्रणालियों पर साझा रणनीति विकसित करना समय की मांग है।
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