दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग: यहां होगा स्थापित; दर्शन करने उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
खुलासा फर्स्ट, नरसिंहपुर। बिहार की पावन धरती एक ऐतिहासिक गौरव की साक्षी बनने जा रही है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई भक्ति की यह अद्भुत यात्रा अब मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर तक पहुँच चुकी है। हम बात...
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नरसिंहपुर।
बिहार की पावन धरती एक ऐतिहासिक गौरव की साक्षी बनने जा रही है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई भक्ति की यह अद्भुत यात्रा अब मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर तक पहुँच चुकी है। हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे विशालकाय शिवलिंग की, जिसे देखने के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
शिवलिंग की भव्यता
इस शिवलिंग का निर्माण और परिवहन अपने आप में इंजीनियरिंग और आस्था का एक अनोखा संगम है। शिवलिंग ऊंचाई 33 फीट है। इतना ही नहीं शिवलिंग का वजन लगभग 210 टन है।
इसे ले जाने के लिए 110 चक्कों वाले विशेष कंटेनर का उपयोग किया जा रहा है, जिसे तमिलनाडु से बिहार तक की कुल यात्रा लगभग 2,070 किलोमीटर लंबी यात्रा तय करना है।
कहाँ होगा स्थापित?
यह दिव्य शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण (चकिया) में निर्माणाधीन 'विराट रामायण मंदिर' की शोभा बढ़ाएगा। मान्यता है कि यह मंदिर न केवल भारत, बल्कि विश्व के सबसे ऊंचे मंदिरों में शुमार होगा।
रास्ते भर गूंज रहा है 'हर-हर महादेव'
जैसे ही यह विशालकाय कंटेनर नरसिंहपुर पहुंचा, नेशनल हाईवे 44 पर भक्तों का तांता लग गया। लोग इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरों में कैद करने और महादेव के इस विशाल स्वरूप के दर्शन करने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही यात्रा सफल हो जाती है।
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