मारपीट की शिकार हुई महिला बन गई आरोपी: कोर्ट आदेश के बाद भी उलटा केस, पुलिस पर सवाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । लसूड़िया थाना क्षेत्र में घरेलू हिंसा के एक संवेदनशील मामले ने नया मोड़ ले लिया। जिस महिला रुचि शर्मा के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसी को उलटा आरोपी बनाते ह...
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया थाना क्षेत्र में घरेलू हिंसा के एक संवेदनशील मामले ने नया मोड़ ले लिया। जिस महिला रुचि शर्मा के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसी को उलटा आरोपी बनाते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता के परिजन के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि रुचि अपने बच्चों के साथ ससुराल में रह सकती है। आरोप है कि इस आदेश से नाराज होकर परिवार के लोगों ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। रुचि के पक्ष का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद न तो उसे सुरक्षा दी गई और न ही सम्मानपूर्वक रहने दिया गया।
ससुर का आरोप- घर में कमरे पर कब्जा कर जबरदस्ती रह रही थी
लसूड़िया थाने में ससुर विनोद सिंघानिया ने शिकायत दर्ज कराई कि रुचि उनके घर में एक कमरे पर अवैध कब्जा कर जबरदस्ती रह रही थी। शिकायत में आरोप लगाया कि रुचि घर का सामान टिफिन में भरकर किसी को भेज देती थी। मना करने पर उसने कथित तौर पर गाली-गलौज की।
शिकायत के अनुसार विनोद की पत्नी सास कनकलता ने बेटे नितेश सिंघानिया को बुलाया। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ा और रुचि ने कथित रूप से मारपीट की, कनकलता को सीढ़ी से धक्का दिया, जिससे उन्हें सिर, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, साथ ही यह भी आरोप लगाया कि रुचि ने नितेश का हाथ काट लिया।
वायरल वीडियो ने बदली तस्वीर
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है। वीडियो में कथित तौर पर रुचि बच्चों के साथ मदद की गुहार लगाती दिख रही है और उसे घर से बाहर धकेला जा रहा है। इसी वीडियो के आधार पर परिजन कह रहे हैं कि मारपीट की शिकार महिला को ही आरोपी बनाना अन्याय है। परिजन का आरोप है कि रुचि पर तलाक का दबाव बनाया गया और जब उसने इनकार किया तो अत्याचार बढ़ गए।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
एमवाय अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक रुचि को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। परिजन का कहना है कि उसे न सिर्फ शारीरिक चोटें आई हैं, बल्कि मानसिक आघात भी गहरा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिवार बेहद चिंतित है।
परिजन का आरोप है कि वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और कोर्ट आदेश के बावजूद पुलिस ने निष्पक्षता नहीं दिखाई। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
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