देश का परिवहन विभाग है सबसे अधिक भ्रष्ट: केंद्रीय मंत्री गडकरी ने की थी चंबल के डाकुओं से तुलना
सुनियोजित था न्यूज चैनल के पत्रकार व कैमरामैन पर हमला! खुलासा फर्स्ट, इंदौर । देश में परिवहन विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तो परिवहन अधिकारी की तुलना चंबल के डाकुओं
Khulasa First
संवाददाता

सुनियोजित था न्यूज चैनल के पत्रकार व कैमरामैन पर हमला!
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देश में परिवहन विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तो परिवहन अधिकारी की तुलना चंबल के डाकुओं से की थी। यह बात क्षेत्रीय परिवहन कार्यकाल इंदौर में शुक्रवार को सच साबित हो गई, जब एक प्रदेश स्तरीय न्यूज चैनल के संवाददाता और साथी कैमरामैन द्वारा भ्रष्टाचार का खुलासा करने के दौरान कार्यालय के बाबू सहित उसके एवजी और अन्य दलालों ने सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने घटना के साक्ष्य मिटाने के लिए कैमरा भी तोड़कर गायब कर दिया।
एमपी अजब है गजब है की पंचलाइन वाला मध्य प्रदेश इन दिनों परिवहन विभाग के कारण सुर्खियों में है। पहले पूर्व मंत्रियों की आपसी लड़ाई, पूर्व कांस्टेबल से 54 किलो सोना व 11 करोड़ नकद बरामद होना और बैकलॉग एंट्री से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस कांड का खुलासा होना जैसे भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे इस विभाग के कई मामले हैं।
इंदौर आरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की गंदगी सालों से भरी हुई है, जो लगभग 12 साल से एआरटीओ अर्चना मिश्रा के रूप में विद्यमान है। वह खुद तो विकलांग है, पर वर्षों से कार्यालय चला रही है। इसका साथ देने वाला बाबू आरपी गौतम भी लगभग दो दशक से यहीं जमा हुआ है, जिसने 40-50 एवजीयों का साम्राज्य खड़ा कर रखा है।
इनके दम पर इंदौर आरटीओ ठेके पर चलता है। यहां के प्रत्येक बाबू और अन्य कर्मचारी को गौतम के अनुसार ही काम करना पड़ता है, जो हर काम की तय रिश्वत एवजी के माध्यम से वसूलते हैं। इसका खुलासा समय-समय पर खुलासा फर्स्ट भी करता आया है।
आरटीओ प्रदीप शर्मा का कहना है यहां सब काम ऑनलाइन होता है। यह पब्लिक से जुड़ा कार्यालय होने से किसी को रोका नहीं जा सकता। आवेदक ही दलाल के पास अपनी सुविधा अनुसार जाते हैं। वह अपनी स्वीकृति देते हैं, तभी दोनों संबंधित विभाग प्रभारी से अपना काम करवाते हैं। सवाल यह है कि कार्यालय के बाहर कुकुरमुत्ते की तरह बैठे कितने दलाल अधिकृत हैं और कितने अनधिकृत। उनमें से कितनों का पुलिस सत्यापन कराया गया है। जो घटना घटी, वह पेशेवर बदमाशों द्वारा ही की जा सकती है।
बात हो रही है संवाददाता हेमंत शर्मा और कैमरामैन राजा खान पर लाइसेंस शाखा प्रभारी बाबू अंकित चिंतामण सहित छः अन्य द्वारा जानलेवा हमले की, जो अपने भ्रष्टाचार के खुलासे की खबर से बौखलाए हुए थे। हमले में घायल दोनों पत्रकार साथी मौत के मुंह से लौटे हैं।
शर्मा को तो आईसीयू में डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखना पड़ा। पुलिस ने भी लगभग 7 घंटे बाद अपनी ड्यूटी निभाई। घायल हेमंत के अस्पताल में बयान लिए गए। फिर बाबू अंकित चिंतामण और छः आरोपियों पर लूट सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
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