जहरीले पानी कांड से सियासत गरमाई: मंत्री ने ली कार्यकर्ताओं की बैठक; बोले कांग्रेस को मुद्दा नहीं बनाने देंगे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा जहरीला पानी कांड में अब तक 16 लोगों की मौत ने बीजेपी की राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले को लेकर पूरा विपक्ष बीजेपी की तथाकथित ट्रिपल इंजन सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। राजनीतिक दबाव बढ़ते ही शनिवार 3 जनवरी को बीजेपी के बड़े नेताओं की सक्रियता साफ नजर आई।
बंद कमरे में हुई बैठक
एक तरफ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली पहुंचे, वहीं बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा इंदौर पहुंचे। इंदौर में हितानंद शर्मा ने पार्टी कार्यालय में बंद कमरे में बैठक कर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, एमआईसी मेंबर व जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा और पार्षद कमल वाघेला को कड़े निर्देश दिए।
दिल्ली से लौटते ही विजयवर्गीय की आपात बैठक
दिल्ली से लौटने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रात में ही कनकेश्वरी धाम में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने दो अहम बिंदुओं पर फोकस किया।
पहला, भागीरथपुरा में लगातार मौजूद रहना, हालात को संभालना, लोगों तक पेयजल पहुंचाना और बीमार लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजना।
दूसरा, राजनीतिक रणनीति—विजयवर्गीय ने साफ कहा कि इस मामले को कांग्रेस को किसी भी कीमत पर राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने देना है।
आपदा में भी अवसर” वाला बयान चर्चा में
विधानसभा क्षेत्र दो से विधायक रमेश मेंदोला ने बैठक में कहा कि यह एक बड़ी आपदा है, लेकिन इसमें भी लोगों तक पहुंचने का अवसर है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए पर्चे बांटे जाएं, जरूरतमंद परिवारों को राशन दिया जाए और बीमारों के इलाज की व्यवस्था करवाई जाए। बैठक में मुख्य रूप से भागीरथपुरा वार्ड-11 के कार्यकर्ता, बूथ टोली और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं से झड़प
शनिवार को कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप ग्रेवाल, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई नेता भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इसी दौरान वहां मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया।
इस दौरान “बाहरी बाहर जाओ” के नारे लगे और चूड़ियां व चप्पल फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा
इस घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे प्रदेश स्तर का आंदोलन बनाने की घोषणा कर दी। विपक्ष पूरी तरह बीजेपी सरकार को घेरने में जुट गया है। इससे पहले यूथ कांग्रेस भी इंदौर नगर निगम कार्यालय का घेराव कर चुकी है।
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