आरोपी के इंजीनियर बेटे को पकड़ने वाले टीआई आज हाई कोर्ट में तलब: कोर्ट ने पूछा- 30 घंटे क्या पूछताछ की, फुटेज लेकर आएं
खुलासा फर्स्ट…इंदौर पॉक्सो एक्ट के एक संवेदनशील मामले में चंदन नगर पुलिस की कार्रवाई ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपित रियल एस्टेट कारोबारी संजय दुबे को पकड़ने के बजाय पुलिस
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
पॉक्सो एक्ट के एक संवेदनशील मामले में चंदन नगर पुलिस की कार्रवाई ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपित रियल एस्टेट कारोबारी संजय दुबे को पकड़ने के बजाय पुलिस ने उसके इंजीनियर बेटे राजा (32) को थाने में 30 घंटे रखा, हथकड़ी पहनाई और खुद को क्राइम ब्रांच बताकर घर से उठाया। हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को अवैधानिक माना है और थाना प्रभारी को आज सीसीटीवी फुटेज सहित पेश होने का आदेश दिया है।
नाबालिग लड़की की शिकायत पर 12 नवंबर को संजय दुबे के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया था। संजय फरार है। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए उनके बेटे राजा को 27 नवंबर की रात उठा लिया। परिवार के मुताबिक पुलिसकर्मी रात में घर पहुंचे और खुद को क्राइम ब्रांच का बताया।राजा को थाने ले जाकर 30 घंटे बैठाए रखा। हथकड़ी लगाई, जबकि वह न आरोपी है, न संदिग्ध। परिवार से किसी तरह का लिखित नोटिस या समन भी जारी नहीं हुआ। यह कार्रवाई साफ तौर पर उन कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है, जिनके अनुसार किसी को 24 घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता,न गैर-आरोपी को हथकड़ी लगाई जा सकती है।
फोटो–वीडियो ने किया मामले का खुलासा
राजा के साले आकाश तिवारी ने एडवोकेट नीरज सोनी के माध्यम से हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। इसके साथ राजा की हथकड़ी लगी तस्वीरें, थाने में बैठाने के वीडियो पेश किए। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा यह अधिकारों का हनन है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। पूछा पूछताछ एक-दो घंटे चल सकती है, 30 घंटे कैसे? जांच अधिकारी संध्या निगम ने बताया वे अवकाश पर थीं। कोर्ट ने कहा पूरी जिम्मेदारी टीआई इंद्रमणि पटेल की है। उन्हें 4 दिसंबर को 30 घंटे का पूरा सीसीटीवी फुटेज लेकर पेश होना ही होगा।
सुनवाई की भनक लगते ही पुलिस ने छोड़ा
28 नवंबर को जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा और राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई, तो पुलिस ने जल्दबाजी में राजा को छोड़ दिया। कोर्ट ने इसे भी प्रशासनिक दबाव में जल्दबाजी बताया है। एक बड़ा पहलू यह है केस दर्ज हुए तीन सप्ताह हो चुके हैं। संजय दुबे अब तक फरार हैं,लेकिन पुलिस ने पूरा दबाव परिवार, खासकर इंजीनियर बेटे राजा पर डाला। अगली सुनवाई पूरे केस की दिशा तय करेगी। हाई कोर्ट द्वारा टीआई को तलब किया जाना केस का अहम मोड़ माना जा रहा है।
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